पेरिस: यूरोप में फैली भीषण गर्मी की लहर ने तापमान के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भीषण गर्मी और लू के चलते सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव बढ़ा है और कई देशों में रोजमर्रा की जिंदगी को बाधित किया है। गर्मी का दुष्प्रभाव सबसे ज्यादा फ्रांस में देखा गया है। फ्रांस में 1000 से अधिक मौतें हो गई हैं।
स्कैंडिनेविया और आल्प्स में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से लेकर इटली में इमरजेंसी अलर्ट और जर्मनी व फ्रांस में इमरजेंसी रिस्पॉन्स तक, मौसम के इस चरम रूप ने मौतें, इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव और असामान्य उपाय करने की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि अधिकारी बढ़ते तापमान से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
फ्रांस, जर्मनी समेत यूरोप के अन्य देशों में भीषण गर्मी से तबाही
पूरे यूरोप में चल रही भीषण गर्मी की लहर के दौरान फ्रांस में 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। मरने वालों में ज्यादातर लोग 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे। वहीं, जर्मनी में अब तक का सबसे गर्म दिन देखा गया। यूरोप में जारी गर्मी की लहर के बीच जर्मनी ने 41.7°C का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया और एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
स्कैंडिनेविया से लेकर आल्प्स तक पूरे यूरोप में भीषण गर्मी की लहर (हीटवेव) चली। इससे कुछ इलाकों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच गया और दर्जनों लोगों की मौत हो गई। ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस ग्लेशियरों में तेजी से बर्फ पिघलने की घटना दर्ज की गई है। इससे लंबे समय में पानी और जलवायु पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डेनमार्क, इटली में भी लू का कहर
डेनमार्क में सबसे गर्म दिन देखा गया। डेनिश मौसम विज्ञान संस्थान (DMI) ने बताया कि शनिवार (27 जून) को डेनमार्क में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया।
‘द गार्डियन’ के मुताबिक, बर्लिन में जर्मन पुलिस ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया क्योंकि शहर भीषण गर्मी की लहर (हीटवेव) का सामना कर रहा था। जब शहर में रिकॉर्ड-तोड़ गर्मी की लहर (हीटवेव) चली तो पेरिस के लोग पंखे खरीदने के लिए टूट पड़े। एक वायरल वीडियो में दुकानों पर भारी भीड़ दिखाई दी।
फ्रांस की राजधानी के अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पिछले साल के इसी हफ्ते की तुलना में इस हफ्ते राजधानी में इमरजेंसी कॉल में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यूरोप के सबसे पुराने न्यूक्लियर प्लांट ‘बेजनाऊ’ के न्यूक्लियर रिएक्टर शुक्रवार (26 जून) को बंद कर दिए गए। इसके स्विस ऑपरेटर ‘एक्सपो’ ने यह जानकारी दी।
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वहीं, इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार (27 जून) और रविवार (28 जून) के लिए मिलान, रोम, ट्यूरिन, वेनिस, जेनेवा, फ्लोरेंस और बोलोग्ना समेत 18 शहरों में हीटवेव (लू) को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
जर्मनी में भीषण गर्मी के कारण हाईवे टेढ़े-मेढ़े हो गए जबकि रेल नेटवर्क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भारी देरी हुई और सुरक्षा संबंधी पाबंदियां लागू करनी पड़ीं। रविवार को दक्षिणी स्वीडन के एक एम्यूजमेंट पार्क में एक पेड़ पर बिजली गिरने से कई लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।

