बुधवार, अप्रैल 15, 2026
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यह भारत को तय करना है… ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में दिल्ली की भूमिका पर अमेरिकी दूत ने क्या कहा?

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, यह सवाल भारत के लिए है… लेकिन मेरा मानना है कि पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा सकती है, और इसमें भारत भी शामिल है।

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर विस्तृत चर्चा की। लगभग 40 मिनट तक चली इस बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, विशेषकर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि अमेरिका, पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में भारत की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करेगा। भारत को तय करना है कि वह इस शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहता है या नहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हर उस देश का स्वागत करते हैं जो इस संघर्ष को खत्म करने में मदद कर सकता है।

‘यह सवाल भारत के लिए है…’

गोर ने कहा, यह सवाल भारत के लिए है… लेकिन मेरा मानना है कि पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा सकती है, और इसमें भारत भी शामिल है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पाकिस्तान में आयोजित अमेरिका-ईरान सीधी वार्ता बेनतीजा रही, जिससे क्षेत्र में जारी दो हफ्ते के संघर्षविराम को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और आपसी संबंधों को मजबूत करने को लेकर करीब 40 मिनट तक बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ इसकी जानकारी साझा की।

उन्होंने लिखा कि “मेरे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई जबरदस्त प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”

ये भी पढ़ेंः ‘पश्चिमी एशिया, होर्मुज मार्ग, द्विपक्षीय सहयोग…’, पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फोन कॉल पर किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

उन्होंने आगे कहा, “हमने वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी बात की और इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला और सुरक्षित रहना चाहिए।” प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट को साझा करते हुए गोर ने इसे सकारात्मक और सार्थक बातचीत बताया।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर गोर ने क्या कहा?

गोर ने ईरान का नाम लिए बिना कहा कि फिलहाल केवल एक देश इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को बंधक बनाए हुए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र हैं और किसी भी देश को पूरी दुनिया की नाकेबंदी करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। अमेरिका अब अन्य देशों के साथ मिलकर इस समुद्री मार्ग को फिर से खुलवाने के लिए दबाव बना रहा है।

वॉशिंगटन में अमेरिकी कैबिनेट से मुलाकात कर लौटे राजदूत गोर ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में कुछ बड़े सौदे घोषित किए जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ये समझौते अगले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा से पहले अंतिम रूप दिए जा सकते हैं। रूबियो की इस यात्रा के दौरान क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसे लेकर दोनों देश काफी उत्साहित हैं।

व्यापारिक रिश्तों को सुधारने की कोशिश

यह बातचीत पिछले साल दोनों देशों के बीच उपजे व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। पिछले साल राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ लगा दिए थे, जिसमें भारत द्वारा रूसी ऊर्जा खरीदने के कारण लगाया गया 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। हालांकि, इस साल फरवरी में इन शुल्कों में कटौती की गई है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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