नई दिल्ली: पश्चिमी एशिया संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कॉल किया। पीएम मोदी ने मंगलवार (14 अप्रैल) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिमी एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमार्ग, द्विपक्षीय सहयोग समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने एक्स पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेरे मित्र डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई और होर्मुज को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया।”
यह फोन कॉल विदेश सचिव विक्रम मिसरी द्वारा तीन दिवसीय दौरे के दौरान वाशिंगटन में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात के बाद आई है। मिस्री की यात्रा के दौरान रक्षा और व्यापार संबंधों की समीक्षा करने के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया था। ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच ये पहली बातचीत है।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई यह फोन कॉल काफी अहम मानी जा रही है। ज्ञात हो कि भारत-अमेरिका संबंधों में तब भारी गिरावट आई जब वाशिंगटन ने भारत पर दंडात्मक टैरिफ लगाए और ट्रंप ने पिछले मई में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष को कम करने में अपनी भूमिका के बारे में कई बयान दिए।
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पाकिस्तान में ईरान-यूएस शांति वार्ता रही बेनतीजा
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच बीस दिन में दूसरी बार बातचीत हुई है। इससे पहले 24 मार्च को फोन पर बात हुई थी। उस बातचीत में भी दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने की अहमियत भी बताई थी क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
बताते चलें कि हाल ही में ईरान-यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति को लेकर की चर्चा बेनतीजा रही। इसके बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकाबंदी की बात कही। पाकिस्तान ने हालांकि मंगलवार को वह ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए काम कर रहा है। पाकिस्तान ने कहा कि दोनों पक्ष अगले हफ्ते वार्ता के दूसरे दौर के लिए राजधानी इस्लामाबाद में मिल सकते हैं।
होर्मुज पर ईरान की दावेदारी और अमेरिकी की कथित नाकेबंदी के बीच दुनिया इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। मंगलवार (14 अप्रैल) को ही फ्रांस-यूके ने जल्द ऑनलाइन बैठक का आयोजन करने की घोषणा की। इस बैठक में होर्मुज का रास्ता सुगम बनाने को लेकर मंत्रणा होगी।
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वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की हुई बैठक का अगला चरण मानी जा रही है। उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

