कोलकाताः पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार (07 मई) को राज्य विधानसभा भंग कर दिया। राज्यपाल का यह निर्णय तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बावजूद इस्तीफा देने से मना करने के बाद आया है।
आरएन रवि ने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल को भी बर्खास्त कर दिया है। संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल कर उन्होंने यह फैसला किया है।
गौरतबल है कि राज्य की 293 विधानसभा सीटों के लिए 4 मई को चुनावी नतीजे जारी किए गए थे। नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट कर रह गई। इसके बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था।
राज्यपाल की तरफ से जारी पत्र में क्या कहा गया?
लोकभवन, कोलकाता की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद राज्य में राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। जब ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इंकार कर दिया था।
ज्ञात हो कि ममता बनर्जी 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज थीं। वह तीन बार राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। 2026 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है। वहीं टीएमसी को करारी हार का सामना करना पड़ा। 2021 विधानसभा चुनाव में 213 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली ममता की टीएमसी 80 सीट पर सिमट गई। 77 सीट जीतने वाली भाजपा ने बड़ी छलांग लगाते हुए 207 सीटों पर जीत हासिल की।

ममता को मिली बड़ी हार
राज्य में कुल 294 सीटें हैं। हालांकि, नतीजे 293 सीटों के लिए जारी किए गए थे। फाल्टा सीट पर चुनाव रद्द कर दिए गए थे जिसके चुनाव 21 मई को दोबारा होंगे। इस सीट का नतीजा 24 मई को घोषित किया जाएगा।
ममता बनर्जी को इस चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। वह अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गई हैं। इससे पहले 2021 में अधिकारी ने ममता को नंदीग्राम सीट से मात दी थी। ममता ने हालांकि हार मानने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली की गई, जिसके चलते उनसे जनता का जनादेश छीन लिया गया। ममता ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि हमें हराया गया है।
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(समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ)
