देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आर्थिक राजधानी मुंबई में जोरदार दस्तक देते हुए रातभर भारी बारिश कराई है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी भीषण गर्मी का असर कम हुआ है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लोग अब मानसून की पहली झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मुंबई और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात से लगातार हो रही भारी बारिश के बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश के कारण मुंबई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में रातभर भारी बारिश हुई। आईएमडी के मुताबिक शहर में औसतन 78 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर 200 मिमी से अधिक भी बारिश दर्ज की गई। ठाणे में एक बड़ा पेड़ कई वाहनों पर गिर गया, जबकि मुंबई के विक्रोली इलाके में एक इमारत से सटी रिटेनिंग वॉल ढह गई। हालांकि दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू कर दिया।
ट्रेन और बस यातायात प्रभावित
मुंबई में हुई भारी बारिश का असर शहर के यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर भी दिखाई दिया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के ट्रैफिक कंट्रोल रूम की सुबह 6:15 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, पेड़ गिरने और अन्य बारिश संबंधी घटनाओं के कारण मालाड सबवे, गांधी मार्केट-माटुंगा, कुर्ला नेहरूनगर, प्रभादेवी, विक्रोली और वडाला समेत कई इलाकों में बस मार्गों में बदलाव करना पड़ा। कुछ स्थानों पर सड़कें अस्थायी रूप से बंद भी रहीं।
वहीं, उपनगरीय रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सेंट्रल रेलवे की लोकल ट्रेनें औसतन 15 मिनट की देरी से चलीं, जबकि पश्चिम रेलवे पर करीब 20 मिनट की देरी दर्ज की गई। हार्बर लाइन की सेवाएं भी प्रभावित रहीं, हालांकि प्रशासन ने अधिकांश बाधाओं को सुबह तक दूर कर यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया।
कई राज्यों में आगे बढ़ रहा है मानसून
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के अतिरिक्त क्षेत्रों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई इलाकों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर का क्या हाल?
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को फिलहाल गर्मी और लू से राहत मिली हुई है। पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और कहीं-कहीं हल्की बारिश के कारण तापमान नियंत्रित बना हुआ है।
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे सप्ताह अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 26, 27 और 29 जून को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन दिनों तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
फिलहाल मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए किसी प्रकार की गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। इससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में न तो भीषण लू की स्थिति बनने की आशंका है और न ही किसी बड़े मौसमीय खतरे की संभावना दिखाई दे रही है।
पूर्वांचल में मानसून का कब खत्म होगा इंतजार
उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए भी राहत भरी खबर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून को मानसून बिहार और झारखंड के रास्ते सोनभद्र क्षेत्र से राज्य में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह तेजी से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के अन्य जिलों की ओर बढ़ेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 जून को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, बलिया और गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में मानसून की पहली बारिश हो सकती है। इसके अगले ही दिन यानी 29 जून से प्रदेश के बड़े हिस्से में अच्छी मानसूनी बारिश के आसार हैं।
राजधानी लखनऊ में भी 29 जून के बाद मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियों के तहत बादल, तेज हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
मानसून की दस्तक से पहले उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 31 जिलों के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र जैसे जिले शामिल हैं।
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, जब तक मानसून प्रदेश में प्रवेश नहीं करता, तब तक लोगों को गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 28 जून के बाद मौसम में बदलाव शुरू होगा और मानसून सक्रिय होने के साथ तापमान में गिरावट तथा व्यापक राहत मिलने की उम्मीद है।
अगले कुछ दिन अहम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की प्रगति अब तेज हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय मौसमी गतिविधियों और मानसूनी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत में तापमान नियंत्रित बना हुआ है, जबकि पश्चिमी और मध्य भारत में बारिश का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह में देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, पर्याप्त पानी पीने और आंधी-तूफान या बिजली गिरने की आशंका के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
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