नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन के बीच मंगलवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें प्रदर्शनकारी ने खुले मंच से ऐलान कर रहे हैं कि वे पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यही नहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस्लामाबाद ने आवश्यक खाद्य सामग्री और राशन की आपूर्ति बाधित करना जारी रखा, तो उन्हें अपने अस्तित्व के लिए ‘दूसरा रास्ता’ तलाशना होगा।
समाने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीओके के रावलाकोट के ईदगाह ग्राउंड में जारी प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान सरकार पर आम नागरिकों को सामूहिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित की जा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
‘हमें तुम्हारे राशन की जरूरत नहीं, तुम्हें हमारी जरूरत है’
प्रदर्शन के दौरान PoK के नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘हमें तुम्हारे राशन की जरूरत नहीं है, तुम्हें हमारी जरूरत है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बंद रही तो इलाके के लोगों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए ‘दूसरे रास्ते’ अपनाने पड़ेंगे।
पीओके में यह विरोध प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। पाकिस्तान सरकार ने इसी महीने इस संगठन पर आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है।
हालिया विरोध प्रदर्शन को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान के बाद और बल मिला, जिसमें उन्होंने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों के बारे में कहा था कि वे ‘असल कश्मीरी’ नहीं हैं। इस बयान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तीखी आलोचना हुई। साथ ही इससे इस्लामाबाद और PoK के बीच बढ़ती दूरी भी सामने आई।
रोटी मांगने की सजा दे रहा पाकिस्तान!
पीओके में हर दिन के साथ बढ़ रही नाराजगी के पीछे पाकिस्तान की सरकार का रवैया बड़ी वजह है। दरअसल, पीओके में शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेहतर प्रशासन और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इसे सुरक्षा का मुद्दा बताकर पेश करना शुरू कर दिया।
इससे लोगों में नारजगी और बढ़ी है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खाद्य आपूर्ति में बाधा डालना आंदोलन को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
सूत्रों के मुताबिक, सरदार अमन खान समेत आवामी एक्शन कमेटी के कई कार्यकर्ताओं पर पाकिस्तान में आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन मामलों का इस्तेमाल गिरफ्तारियां करने और आंदोलन पर व्यापक कार्रवाई के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे केवल महंगाई कम करने, बेहतर शासन और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति जैसी मांगें उठा रहे हैं।
इंटरनेट बंद किए जाने का आरोप
स्थानीय प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जून की शुरुआत से ही PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई हैं, ताकि आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहरी दुनिया तक न पहुंच सकें।
लगभग दो सप्ताह से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी गतिरोध का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है। कई इलाकों में खाद्य सामग्री की कमी की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि PoK में पिछले कुछ समय से महंगाई, प्रशासनिक अव्यवस्था और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। अब राशन आपूर्ति में कथित बाधा, संगठन पर प्रतिबंध, स्थानीय नेताओं पर आतंकवाद के आरोप और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ तीखे बयानों ने इस आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है।

