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वियतनाम नाव हादसा: 15 भारतीयों की मौत की होगी उच्चस्तरीय जांच, शवों को स्वदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू

वियतनाम सरकार ने फु क्वोक द्वीप के आसपास संचालित सभी पर्यटन नौका सेवाओं की भी व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा या संचालन संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Vietnam boat tragedy
Vietnam boat tragedy (IANS)

हनोई/नई दिल्लीः वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के मामले में वियतनाम सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, भारतीय दूतावास ने मृतकों के पार्थिव शरीरों को स्वदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे में घायल एक भारतीय की हालत में सुधार बताया गया है, जबकि जीवित बचे पर्यटक रविवार को भारत लौटेंगे।

गौरतलब है कि हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई जबकि 219 लोगों को बचाया गया जिनमें दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय मीडिया तुओई ट्रे न्यूज के अनुसार, प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को घायलों के इलाज के लिए सभी उपलब्ध चिकित्सा संसाधन, दवाइयां और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हादसे के बाद वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम और प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अलग-अलग शोक संदेश भेजे हैं। दोनों नेताओं ने 15 भारतीय पर्यटकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भारत सरकार, मृतकों के परिजनों और भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना जताई।

तेज हवाओं के बीच पलटी थी स्पीडबोट, तमिलनाडु के 10 पर्यटक मारे गए

अधिकारियों के मुताबिक, एजी-26751 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली स्पीडबोट मई रुट नगोई आइलेट से एन थोई इंटरनेशनल पोर्ट जा रही थी। नाव में 32 भारतीय पर्यटक, तीन क्रू सदस्य और एक वियतनामी टूर गाइड सवार थे। शनिवार दोपहर करीब एक बजे तेज हवाओं के कारण तट से लगभग 400 मीटर दूर स्पीडबोट पलट गई।

हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। दोपहर साढ़े तीन बजे तक नाव में सवार सभी 36 लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें 21 लोगों को जीवित बचा लिया गया, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, नाव में सवार 32 भारतीय पर्यटकों में 17 तमिलनाडु के थे, जबकि अन्य यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल से थे। हादसे में जान गंवाने वालों में 10 पर्यटक तमिलनाडु के बताए गए हैं।

एन गियांग प्रांत के अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के पांच शव किएन गियांग जनरल अस्पताल में रखे गए हैं, जबकि 10 शवों को हो ची मिन्ह सिटी के चो रे अस्पताल भेजा गया है। पहचान और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

भारतीय दूतावास ने शुरू की शवों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया

वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने मृतकों के पार्थिव शरीर भारत भेजने के लिए अधिकृत एजेंसी नियुक्त कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी रविवार से मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक अनुमति और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करेगी, ताकि शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जा सके।

दूतावास ने यह भी बताया कि हादसे में घायल एक किशोर का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं, हादसे में बचाए गए सभी भारतीय पर्यटक रविवार को अपने-अपने गृह राज्यों के लिए रवाना होंगे। उनके हवाई टिकट की व्यवस्था संबंधित मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी ने की है।

मुआवजे की घोषणा

फु क्वोक स्पेशल जोन की पीपुल्स कमेटी के चेयरमैन ट्रान मिन्ह खोआ ने बताया कि टूरिस्ट बोट के मालिक ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक यात्री के परिवार को 1,000 अमेरिकी डॉलर और प्रत्येक घायल यात्री को 500 अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।

इसके अलावा, एन गियांग प्रांत प्रशासन भी प्रत्येक मृतक के परिवार को 2.6 करोड़ वियतनामी डोंग (करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर) की अतिरिक्त सहायता देगा। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान, कानूनी औपचारिकताओं और पार्थिव शरीरों को भारत भेजने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन भारतीय दूतावास और मृतकों के परिजनों के साथ लगातार संपर्क में है।

पूरे पर्यटन नौका नेटवर्क की होगी जांच

वियतनाम के प्रधानमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को हादसे के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।इसके साथ ही निर्माण मंत्रालय को दुर्घटनास्थल सहित समान परिस्थितियों वाले अन्य जलमार्गों पर यात्री नौका सेवाओं की सुरक्षा का व्यापक ऑडिट करने को कहा गया है।

मंत्रालय को नावों की तकनीकी स्थिति, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, लाइसेंसधारी ऑपरेटरों की जांच तथा सभी सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय को भी भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हरसंभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।

वियतनाम सरकार ने फु क्वोक द्वीप के आसपास संचालित सभी पर्यटन नौका सेवाओं की भी व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में सुरक्षा या संचालन संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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