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वाराणसी जा रहे विमान के कॉकपिट को जबरन खोलने की कोशिश, हाईजैक के डर से कैप्टन ने नहीं खोला दरवाजा, 9 गिरफ्तार

नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, कॉकपिट का दरवाजा हर समय बंद रहता है और इसे तभी खोला जा सकता है जब पायलट इसकी अनुमति दे। केवल सही पासकोड डालने से ही दरवाजा नहीं खुलता है।

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ये सभी 9 दोस्त पहली बार विमान से यात्रा कर रहे थे और वाराणसी में मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। फोटोः IANS

वाराणसी: बेंगलुरु से वाराणसी जा रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक यात्री ने फ्लाइट के कॉकपिट का दरवाजा जबरन खोलने की कोशिश की। यात्री ने सही पासकोड भी दर्ज कर दिया था, लेकिन पायलट ने हाईजैक के डर से दरवाजा नहीं खोला। कैप्टन ने इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जानकारी दी। सीआईएसएफ ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

क्या हुआ था फ्लाइट में?

बता दें घटना सोमवार की है। दरअसल सुबह 8:14 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-1086) में एक यात्री ने शौचालय के पास बने कॉकपिट के दरवाजे को गलती से खोलना चाहा। क्रू सदस्यों ने जब उसे रोका, तो उसके साथ आए कुछ अन्य दोस्त भी जबरन दरवाजा खोलने लगे। क्रू ने किसी तरह उन्हें रोका और वापस अपनी सीट पर भेजा। इस घटना की सूचना तुरंत कैप्टन ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को दी, जिसने आगे एयरपोर्ट अथॉरिटी को सूचित किया।

सुबह 10:20 बजे विमान वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरा, जहां पहले से मौजूद सीआईएसएफ के जवानों ने उस यात्री और उसके 8 साथियों को हिरासत में ले लिया। सभी 9 लोगों से फिलहाल बाबतपुर थाने में पूछताछ चल रही है।

क्यों हुआ ऐसा?

शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी 9 दोस्त पहली बार विमान से यात्रा कर रहे थे और वाराणसी में मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। यात्री ने गलती से कॉकपिट के पास लगे एक्सेस बटन को शौचालय का कंट्रोल समझ लिया था। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद, समूह के सदस्य कॉकपिट में जाने की जिद कर रहे थे। हालांकि, तलाशी के दौरान उनके पास से कोई भी संदिग्ध सामान नहीं मिला है। सभी के बैकग्राउंड की जांच की जा रही है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने क्या कहा?

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना पर बयान जारी किया है। विमान कंपनी ने कहा है कि विमान में सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह से मजबूत थे और किसी भी तरह से समझौता नहीं हुआ। कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि यात्री शौचालय की तलाश में गलती से कॉकपिट के पास चला गया था। इस मामले की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी गई और जांच जारी है।

नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, कॉकपिट का दरवाजा हर समय बंद रहता है और इसे तभी खोला जा सकता है जब पायलट इसकी अनुमति दे। केवल सही पासकोड डालने से ही दरवाजा नहीं खुलता है। इस तरह के किसी भी प्रयास को ‘दुर्व्यवहार’ या ‘कॉकपिट में घुसने का प्रयास’ माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी यात्रियों पर 3 महीने से लेकर आजीवन प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। भारत में पिछले पांच सालों में 375 से अधिक यात्रियों को ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में डाला गया है।

बता दें इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली से इंदौर जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX 1028) में इंजन में खराबी आ गई थी। पायलटों ने ‘पैन-पैन’ कॉल का इस्तेमाल करते हुए आपातकालीन स्थिति की सूचना दी, जिसके बाद विमान सभी यात्रियों के साथ सुरक्षित रूप से उतर गया। ‘पैन-पैन’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संकेत है जो एक ऐसी तत्काल लेकिन जीवन-घातक न होने वाली स्थिति का संकेत देता है, जिसमें तुरंत मदद की जरूरत होती है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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