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अमेरिकी सेना ने सीरिया में ISIS को बनाया निशाना, हमले में कई ठिकानों को किया तबाह

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने सहयोगी सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया के अलग-अलग इलाकों में आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया।

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अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर कई बड़े हमले किए हैं। फोटोः IANS

वाशिंगटनः अमेरिकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के ठिकानों पर कई बड़े हमले किए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिकी सैनिकों पर हुए घातक हमले के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने सहयोगी सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया के अलग-अलग इलाकों में आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया।

सेंटकॉम के अनुसार, शनिवार को किए गए ये हमले ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत हुए, जिसकी शुरुआत 19 दिसंबर को की गई थी। यह अभियान किसी एक घटना की तात्कालिक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि आईएसआईएस के खिलाफ एक लगातार सैन्य ऑपरेशन के तौर पर चलाया जा रहा है। सेंटकॉम ने कहा कि इन हमलों का मकसद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं पर भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना है।

सेंटकॉम ने बयान में कहा, “आज किए गए हमलों में पूरे सीरिया में आईएसआईएस को निशाना बनाया गया। यह आतंकवाद को खत्म करने, आगे के हमलों को रोकने और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी व सहयोगी सेनाओं की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।” हमले अमेरिकी समयानुसार शनिवार दोपहर किए गए।

क्यों की गई यह कार्रवाई?

अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किया गया था। दरअसल 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा इलाके में अमेरिकी और सहयोगी बलों पर हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक दुभाषिये की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। अमेरिकी सेना ने उस हमले के लिए आईएसआईएस को जिम्मेदार ठहराया था। यह हमला दिसंबर 2024 में लंबे समय से सत्ता में रहे बशर अल-असद के पतन के बाद सीरिया में अमेरिकी बलों पर हुआ पहला घातक हमला था।

सेंटकॉम ने यह भी कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं आईएसआईएस के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पूरी तरह दृढ़ हैं। बयान में कहा गया कि हमारा संदेश साफ है। अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे।

हालांकि, सेंटकॉम ने यह नहीं बताया कि हमलों में कितने ठिकानों को निशाना बनाया गया, किन इलाकों में कार्रवाई हुई या कौन से हथियार इस्तेमाल किए गए। नुकसान के आकलन को लेकर भी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। पेंटागन ने अतिरिक्त विवरण देने से इनकार किया, जबकि अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

पिछले महीने इसी ऑपरेशन के तहत अमेरिका और जॉर्डन ने मिलकर एक और दौर के हमले किए थे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ की शुरुआत में मध्य सीरिया में करीब 70 आईएसआईएस ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए थे। इसी बीच, शनिवार के हमलों से एक दिन पहले सीरियाई अधिकारियों ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा एजेंसियों ने लेवांत क्षेत्र में आईएसआईएस के सैन्य अभियानों के प्रमुख को गिरफ्तार किया है।

वहीं, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हमलों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम न भूलेंगे और न ही हार मानेंगे।”

गौरतलब है कि आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिका का सैन्य अभियान पिछले एक दशक से जारी है। सैकड़ों अमेरिकी सैनिक अब भी सीरिया में तैनात हैं और यह मिशन उस दौर में शुरू हुआ था, जब आईएसआईएस ने 2010 के मध्य वर्षों में सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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