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कराची में ईरान के मसले पर बवाल, अमेरिकी सैनिकों ने भी पाकिस्तानियों पर चलाई थी गोली: रिपोर्ट

पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया था। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से गोलीबार की गई थी। सामने आई जानकारी के अनुसार अमेरिकी सैनिकों की ओर से भी गोलीबारी की गई थी।

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Karachi: On March 1, clashes broke out between protesters and security personnel near the U.S. consulate in Karachi, a city in southern Pakistan. A spokesperson for Pakistan's official emergency relief organization, Rescue 1122, told Xinhua News Agency on March 1 that at least nine people had died and 20 were injured in protests outside the U.S. consulate in Karachi that day. The protests occurred following the assassination of Iranian Supreme Leader Ayatollah Khamenei. The spokesperson said that demonstrators attempted to enter the consulate, and law enforcement used tear gas and batons to control the situation. (Xinhua via IANS)

कराची: ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली हमलों में हुई हत्या को लेकर पाकिस्तान में हुए विरोध प्रदर्शन पर नया अपडेट सामने आया है। नाराज प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी मरीन सैनिकों ने गोलीबारी की थी। घटना पाकिस्तान की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार दो अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी से इसकी पुष्टि की है।

पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया था। यह घटना किसी राजनयिक मिशन में बल प्रयोग का एक दुर्लभ उदाहरण है और माना जा रहा है कि ये पाकिस्तान में तनाव को और बढ़ा सकता है, जहां ईरान के नेता की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

खामेनेई की हत्या की खबर आने के बाद कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की बाहरी दीवार तोड़ दी थी। इन प्रदर्शनों में कम से कम 10 लोग मारे गए। अहम ये भी है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माना जाता है।

दो अमेरिकी अधिकारियों ने की गोलीबारी की पुष्टि

रॉयटर्स के अनुसार शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए, दोनों अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी मरीन सैनिकों द्वारा चलाई गई गोलियों से किसी को चोट लगी या किसी की मौत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि मिशन की सुरक्षा कर रहे अन्य लोगों, जिनमें निजी सुरक्षा गार्ड और स्थानीय पुलिस शामिल हैं, ने भी गोलीबारी की थी या नहीं। यह अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पहली बार पुष्टि है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी में अमेरिकी मरीन सैनिक शामिल थे।

इससे पहले प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता सुखदेव असरदास हेमनानी ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने गोलीबारी की थी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किस बल से संबंधित थे।

अमेरिकी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा अक्सर निजी कॉन्ट्रैक्टरों और स्थानीय बलों द्वारा संभाली जाती है। इसमें मरीन की भी भूमिका से पता चलता है कि वाणिज्य दूतावास ने खतरे को गंभीर माना था। ईरान के बाद पाकिस्तान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी का घर है। सोमवार को, ईरान पर हुए हमलों के विरोध में देश भर में फैले प्रदर्शनों के बाद सरकार ने बड़े जमावड़ों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें देशभर में 26 लोगों के मारे जाने की खबर है।

वहीं, रविवार को प्रदर्शनकारियों ने वाणिज्य दूतावास के बाहर “अमेरिका मुर्दाबाद! इज़राइल मुर्दाबाद!” के नारे लगाए। स्थानीय पत्रकारों की रिपोर्ट के अनुसार गोलियों की आवाज सुनी गई और पास की सड़कों पर आंसू गैस के गोले दागे जाते देखे गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को वाणिज्य दूतावास की ओर हथियार चलाते हुए भी देखा जा सकता है, जबकि गोलियां चलने पर घायल प्रदर्शनकारी भागते हुए नजर आए।

अमेरिकी दूतावास के लिए भारी सुरक्षा

रॉयटर्स के अनुसार कराची के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलियां वाणिज्य दूतावास परिसर के अंदर से चलाई गईं थी। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी मरीन सैनिकों ने सवालों के जवाब के लिए अमेरिकी सेना से संपर्क करने को कहा, जिसने आगे की पूछताछ विदेश विभाग को भेज दी। विदेश विभाग ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बता दें कि सार्वजनिक सभाओं पर देशव्यापी प्रतिबंध के बावजूद शिया समुदाय के नेताओं ने लाहौर और कराची में और विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया है। पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद में स्थित है, इसके अतिरिक्त पेशावर और लाहौर में भी वाणिज्य दूतावास हैं। अधिकारियों ने कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लाहौर और इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावासों के आसपास भी इसी तरह के सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

इस बीच अमेरिका ने पाकिस्तान में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। दूतावास के एक बयान के अनुसार, यह निलंबन इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के साथ-साथ लाहौर और कराची स्थित वाणिज्य दूतावासों पर भी लागू होता है। बयान में कहा गया है कि यह निलंबन शुक्रवार (6 मार्च) तक लागू रहेगा।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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