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यूपी में मानसून की दस्तक का काउंटडाउन शुरू, जानिए आपके जिले में कब होगी झमाझम बारिश

प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही 15 जून के बाद होने की उम्मीद हो, लेकिन उससे पहले ही प्री-मानसून बारिश और आंधी का दौर शुरू होने जा रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अगले एक सप्ताह में कुछ राहत मिलने की संभावना है

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Palm trees bend over flooded rice fields as dark storm clouds roll toward distant mountains.
यूपी में मानसून। प्रतिकात्मक एआई इमेज।

उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी के बीच हर कोई मानसूनी बारिश की राह देख रहा है। मौसम विभाग की मानें तो अब ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है और अब उसकी अगली बड़ी मंजिल उत्तर प्रदेश है। मौसम विभाग (आईएमडी) और उसके लखनऊ केंद्र के ताजा कृषि मौसम बुलेटिन के अनुसार, मानसून के यूपी पहुंचने से पहले राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने वाली हैं। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का असर भी बना रह सकता है।

आईएमडी के लखनऊ केंद्र की ओर से जारी विस्तारित अवधि के मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि मानसून मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और प्रदेश के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन्हीं मौसमीय परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश में अगले दिनों में मेघगर्जन, तेज हवाएं और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने 12 से 18 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

यूपी में कब पहुंचेगा मानसून?

मौसम विभाग की मौजूदा प्रगति और सामान्य मानसूनी पैटर्न के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार भी बिहार के रास्ते बंगाल की खाड़ी शाखा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। सबसे पहले पूर्वांचल के जिलों में मानसून की दस्तक होने की संभावना है। कहां कब बारिश की संभावना है, देखें टेबल-

क्षेत्रसंभावित तारीख
पूर्वी उत्तर प्रदेश (गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, देवरिया, आजमगढ़)15 से 20 जून
मध्य उत्तर प्रदेश (लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या)20 से 25 जून
बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी (झांसी, अलीगढ़, बरेली)22 से 28 जून
एनसीआर से सटे जिले (नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर)27 से 30 जून

हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानसून की वास्तविक प्रगति बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्रों और अरब सागर से आने वाली नमी पर निर्भर करेगी, इसलिए तारीखों में कुछ बदलाव संभव है।

अभी कैसा है बारिश का हाल?

आईएमडी के लखनऊ केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 4 जून के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि तस्वीर पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 85 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।

जिलावार आंकड़ों में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। आगरा, कानपुर, झांसी, अलीगढ़ और कई पश्चिमी जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई, जबकि बहराइच, खीरी, श्रावस्ती और कुछ पूर्वी जिलों में बारिश का गंभीर अभाव दर्ज किया गया।

Informational infographic: top table shows periods and rainfall values for Uttar Pradesh regions; below, a color-coded map of Uttar Pradesh displays rainfall departure percentages from long-period averages for 01–04 June 2026, with a legend for excess, normal, deficient, and no rain.

अगले दो सप्ताह कैसा रहेगा मौसम?

आईएमडी के कृषि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 5 जून से 11 जून और 12 जून से 18 जून के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान गरज-चमक, तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर बारिश की घटनाएं जारी रह सकती हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मेघगर्जन और बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में कुछ दिनों तक लू जैसे हालात बने रह सकते हैं।

आईएमडी के मुताबिक 18 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर रह सकता है। बुंदेलखंड, मध्य यूपी और पश्चिमी जिलों में कई स्थानों पर पारा 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी ज्यादा राहत मिलने के आसार नहीं हैं। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

इस साल कैसा रहेगा मानसून?

मौसम विभाग के लॉन्ग रेंज फोरकास्ट (LRF) के अनुसार 2026 के मानसून सीजन में देशभर में कुल मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी बारिश सामान्य से थोड़ी कम रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो जैसी परिस्थितियां मानसून की तीव्रता को प्रभावित कर सकती हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर जून के दूसरे पखवाड़े में अधिक स्पष्ट होगी।

प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही 15 जून के बाद होने की उम्मीद हो, लेकिन उससे पहले ही प्री-मानसून बारिश और आंधी का दौर शुरू होने जा रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अगले एक सप्ताह में कुछ राहत मिलने की संभावना है, जबकि किसानों की निगाहें अब मानसून की पहली अच्छी बारिश पर टिकी हैं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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