नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे। इस बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें मतगणना केंद्रों पर सुपरवाइजर के तौर पर केंद्रीय कर्मचारियों या सार्वजनकि क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
पार्टी ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक, इसकी सुनवाई शनिवार (2 मई) को जस्टिस पीएम नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ कर सकती है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए 4 मई को नतीजे जारी किए जाएंगे।
हाई कोर्ट ने की याचिका की खारिज, TMC पहुंची सुप्रीम कोर्ट
तृणमूल कांग्रेस (TMC) का यह कदम कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा गुरुवार (30 अप्रैल) को याचिका खारिज करने के बाद आया है। हाई कोर्ट ने कहा था कि मतगणना पर्यवेक्षक (काउंटिंग सुपरवाइजर) और मतगणना सहायक (काउंटिंग असिस्टेंट) की नियुक्ति चुनाव आयोग राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारियों के रूप में कर सकता है और इसका अधिकार है।
अदालत ने टिप्पणी की थी कि ” इस न्यायालय को राज्य सरकार के कर्मचारी के बजाय केंद्र सरकार/केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के कर्मचारी से मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक की नियुक्ति में कोई अवैधता नहीं मिली है। “
इसमें आगे कहा गया है कि यदि TMC को पता चलता है कि केंद्र सरकार के कर्मचारी भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कर रहे हैं, तो वे बाद में चुनाव परिणामों को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं।
पार्टी द्वारा यह कदम दूसरे चरण के मतदान के दौरान बढ़ते तनाव के बीच आया है। जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि “बाहरी पर्यवेक्षकों” और बंगाल से अपरिचित पुलिस अधिकारियों को टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से तैनात किया जा रहा है।
उनके इस बयान ने पहले से ही तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को और भड़का दिया, जो दूसरे चरण के मतदान के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों से प्रभावित था।
मतगणना से पहले सियासी उठापठक
4 मई को मतगणना से पहले राज्य में काफी सियासी उठापठक देखने को मिल रही है। इससे पहले शुक्रवार (1 मई) को चुनाव आयोग ने राज्य की दो विधानसभाओं के 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया है। इन बूथों पर 2 मई को मतदान होगा।
इन दो विधानसभा सीटों में डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम की सीटें शामिल हैं। मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर दोबारा मतदान होगा।
इससे पहले गुरुवार (30 अप्रैल) को कोलकाता में चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव देखने को मिला था। टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांगरूम में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और इसको लेकर धरना प्रदर्शन किया। वहीं, सीएम ममता बनर्जी भी देर शाम यहां पहुंची थी।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने हालांकि ममता के इस कदम को उनकी पुरानी आदत का नतीजा बताया था। अधिकारी ने कहा कि ममता को जब भी अपने खिलाफ माहौल लगता है तो वह ईवीएम पर सवाल उठाने लगती हैं।
बंगाल में दो चरणों में मतदान हुआ था जो कि 29 अप्रैल को संपन्न हुआ। वोटिंग समाप्त होने के बाद विभिन्न एग्जिट पोल्स जारी किए गए। इन एग्जिट पोल्स में कुछ में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है तो कुछ ने TMC की वापसी का दावा किया है। ऐसे में आगामी 4 मई को यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य में सत्ता की कुर्सी पर कौन कब्जा करेगा?

