नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अब नतीजों का इंतजार है। हालांकि, इस बीच गुरुवार देर शाम कोलकाता की सड़कों पर चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस ने स्ट्रांगरूम (जहां EVM रखे गए हैं) में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी देर शाम पहुंची।
दूसरी ओर स्ट्रॉन्ग रूम विवाद पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी आदत का नतीजा है। अधिकारी ने कहा कि जब भी उन्हें चुनाव में माहौल अपने खिलाफ लगता है, तो वे ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताने लगती हैं।
तृणमूल कांग्रेस के आरोप
कई खामियों का आरोप लगाते हुए, टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि स्ट्रांगरूम के बाहर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को दोपहर में वहां से जाने के लिए कहा गया था और बाद में उन्हें सूचना मिली कि स्ट्रांगरूम शाम 4 बजे फिर से खोला जाएगा।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, ‘पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3:30 बजे तक स्ट्रांगरूम के बाहर मौजूद थे। अचानक, एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया कि स्ट्रांगरूम शाम 4 बजे फिर से खोला जाएगा। हमने अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं। तब हम यहां पहुंचे। अब हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। भाजपा को आमंत्रित किया जा रहा है।’
तृणमूल ने एक पोस्ट में इस घटना को ‘दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या’ बताया और भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर मौजूदा चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतपेटियों और ईवीएम में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया।
पार्टी ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोला जाना साफ दिखाई दे रहा है, और ये ‘घोर चुनावी धोखाधड़ी’ है।
टीएमसी ने आगे आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराना-धमकाना, नाम मिटाना और केंद्रीय बलों का दुरुपयोग जैसे प्रयास विफल रहे, जिसके चलते भाजपा को ईवीएम में छेड़छाड़ जैसे उपायों का सहारा लेना पड़ा है।
मतगणना केंद्र पहुंचीं ममता बनर्जी
विवाद के बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भाबानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतगणना केंद्र पहुंचने के बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी को राज्य के कई हिस्सों में ईवीएम में छेड़छाड़ की रिपोर्ट मिली हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने पाया कि कई जगहों पर छेड़छाड़ हो रही है। जब मैंने टीवी पर सीसीटीवी फुटेज देखा, तो मैंने सोचा कि मुझे भी जाकर देखना चाहिए। शुरू में केंद्रीय बलों ने मुझे अंदर नहीं जाने दिया। लेकिन हमारे चुनाव नियमों के अनुसार, किसी भी पार्टी के उम्मीदवार और चुनाव प्रतिनिधि को सीलबंद कमरे तक जाने की अनुमति है।’
मुख्यमंत्री बनर्जी ने नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘जीत निश्चित है।’
भाजपा ने क्या कहा?
हंगामे के बीच मानिकतला और चौरंगी से भाजपा के नेता मौके पर पहुँचे और टीएमसी के विरोध का जवाब दिया। उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को इतने संवेदनशील स्थान पर इकट्ठा होने और नारे लगाने की अनुमति क्यों दी गई। मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी ‘झूठी कहानी गढ़ रही है और जनता से झूठ बोल रही है।’
तापस रॉय ने कहा, ‘मुझे हंगामे की सूचना मिली और मैं तुरंत वहाँ पहुँचा तो देखा कि टीएमसी समर्थक मतगणना स्थल के बाहर शोर मचा रहे थे, जो कि इस तरह के संवेदनशील स्थान पर उन्हें नहीं करना चाहिए। उन्हें यहाँ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने हमें गालियाँ दीं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सुना है कि जिला निर्वाचन अधिकारी टीएमसी उम्मीदवारों को स्ट्रांगरूम के अंदर ले गए ताकि यह दिखाया जा सके कि सब कुछ ठीक है।’ भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी के एक वाहन को यह आरोप लगाते हुए रोक दिया कि उसमें संदिग्ध सामान है।
एक कार्यकर्ता ने दावा किया, ‘वाहन में कुछ है। ममता बनर्जी अपने वाहन में कुछ लाई हैं। वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।’ एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, ‘वे (टीएमसी) नकली मशीनें लगाएंगे और उनमें छेड़छाड़ करेंगे… मतगणना केंद्र के बाहर टीएमसी का वाहन क्या कर रहा है?’
चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने हालांकि कहा कि स्ट्रांग रूम ‘सुरक्षित’ हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘कोई भी सीसीटीवी बंद नहीं किया गया था। वहां मौजूद सभी 8 स्ट्रांग रूम (7 ईवीएम के और 1 डाक मतपत्र का) की सीसीटीवी फुटेज प्रसारित की जा रही है। राजनीतिक दलों के लोग तीन स्तरीय सुरक्षा के पार बैठकर इसे देख सकते हैं। उन्होंने शाम करीब 4 बजे कुछ हलचल देखी जब हमारे कर्मचारी नियमों के अनुसार डाक मतपत्र कक्ष खोल रहे थे। नियम के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों को सूचित किया गया था और सभी उम्मीदवारों को रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) द्वारा सूचित किया गया था।’
अग्रवाल ने आगे कहा, ‘उन्हें यहां आना चाहिए था… शाम 4 बजे के बाद, 3 उम्मीदवार आए थे और उन्होंने देखा कि ईवीएम के स्ट्रांग रूम सील थे जबकि डाक मतपत्र का स्ट्रांग रूम खुला था। इसके बाद वे तीनों चले गए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होगी। ऐसी चीजें होती रहती हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक है। मतगणना पूरी तरह से साफ-सुथरी होगी, ठीक वैसे ही जैसे चुनाव में हुई थी।’
तृणमूल कांग्रेस द्वारा अपने X हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो का जिक्र करते हुए, अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम सुरक्षित और सीलबंद स्ट्रांग रूम हैं। उन्होंने बताया कि डाक मतपत्रों को अलग करने की नियमित प्रक्रिया की गई थी।
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