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सीरिया में ISIS हमले में दो अमेरिकी सैनिकों समेत तीन की मौत, ट्रंप ने चेतावनी देते हुए क्या कहा?

पेंटागन के अनुसार, बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद यह पहली बार है जब सीरिया में अमेरिकी कर्मियों की मौत हुई है। घटना के बाद अमेरिकी हेलिकॉप्टरों से घायलों को दक्षिण-पूर्वी सीरिया के अल-तनफ स्थित अमेरिकी बेस ले जाया गया।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका और सीरिया दोनों पर आईएसआईएस का हमला बताते हुए बहुत गंभीर बदला लेने की चेतावनी दी है।
A Coalition Forces member assigned to the 10th Mountain Division, Task Force Armadillo prepares to lead his chalk of Coalition forces and Syrian Free Army soldiers onto a CH-47 Chinook during cold and hot load air assault training at Al-Tanf Garrison, Syria, on Feb. 23, 2025.Hot loading involves rapidly loading personnel or cargo onto a running aircraft to ensure quick deployment, while cold loading is performed with the aircraft engines off, offering a safer, more controlled environment. Both techniques are crucial for efficient and secure air mobility operations in various mission scenarios. The Coalition is committed to advising, assisting, and enabling partner forces to defeat ISIS and maintain regional security and stability. (U.S. Army photo by Staff Sgt. Fred Brown)

सीरिया के मध्य हिस्से में इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े एक हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक दुभाषिए की मौत के बाद अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका और सीरिया दोनों पर आईएसआईएस का हमला बताते हुए बहुत गंभीर बदला लेने की चेतावनी दी है। इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई गई है।

पेंटागन के अनुसार, बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद यह पहली बार है जब सीरिया में अमेरिकी कर्मियों की मौत हुई है। घटना के बाद अमेरिकी हेलिकॉप्टरों से घायलों को दक्षिण-पूर्वी सीरिया के अल-तनफ स्थित अमेरिकी बेस ले जाया गया।

क्या हुआ था पलमायरा में

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) और पेंटागन के मुताबिक, हमला सीरिया के पलमायरा इलाके में उस समय हुआ जब अमेरिकी सैनिक एक ‘की लीडर एंगेजमेंट’ में शामिल थे। यह मिशन ऑपरेशन इन्हेरेंट रिजॉल्व के तहत आईएसआईएस के खिलाफ चल रहे आतंकवाद-रोधी अभियानों का हिस्सा था।

अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक अकेले आईएसआईएस-समर्थित बंदूकधारी द्वारा किया गया घात बताया है। हमलावर को मौके पर ही जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया।

ट्रंप ने गंभीर कार्रवाई की दी चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह हमला सीरिया के उस बेहद अस्थिर हिस्से में हुआ, जो पूरी तरह दमिश्क सरकार के नियंत्रण में नहीं है। उन्होंने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा इस घटना से बेहद गुस्से में और परेशान हैं और जवाब बहुत गंभीर होगा। बाद में व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि सीरियाई बल अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर आईएसआईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं।

पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने मृतकों और घायलों की पुष्टि करते हुए कहा कि सैनिक आतंकवाद-रोधी प्रयासों के समर्थन में तैनात थे।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक्स पर लिखा कि हमलावर को साझेदार बलों ने मार दिया है और चेतावनी दी कि दुनिया में कहीं भी अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने वालों का “निरंतर पीछा” किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से मृतकों की पहचान परिजनों को सूचना दिए जाने तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

अमेरिकी सैनिकों पर हमले पर सीरिया ने क्या कहा?

सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने हमले की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। सरकारी समाचार एजेंसी सना के अनुसार, एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने पलमायरा क्षेत्र में खतरे की चेतावनियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हमलावर सीरियाई सरकारी बलों से जुड़ा था, हालांकि सरकारी पक्ष ने स्पष्ट किया कि वह आंतरिक सुरक्षा में किसी नेतृत्व भूमिका में नहीं था और न ही किसी कमांडर का एस्कॉर्ट। यह भी बताया गया कि उसकी विचारधारा को लेकर पहले से जांच चल रही थी।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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