नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत में ऊर्जा आपूर्ति और खासकर LPG संकट को खत्म करने के लिए सरकार ने नीतियों में बदलाव किया है। भारत घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खाना पकाने के गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्पॉट खरीद पर जोर दे रहा है। स्पॉट मार्केट खरीदारी का मतलब है कि सरकार या तेल कंपनियाँ तुरंत जरूरत के हिसाब से खुले अंतरराष्ट्रीय बाजार से उत्पाद खरीदती हैं। इसमें पहले से लंबे अनुबंध की जरूरत नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका के साथ समझौते किए हैं। अमेरिका के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों के अलावा कंपनियों ने पिछले कुछ हफ्तों में स्पॉट कार्गो भी खरीदे हैं, जिनके जून और जुलाई में भारत पहुंचने की संभावना है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले भारत अपनी एलपीजी की जरूरत का लगभग 60% आयात करता था। उन्होंने कहा, ‘घरेलू उत्पादन में वृद्धि के साथ, आयात पर हमारी निर्भरता कम हो गई है। सरकार की प्राथमिकता घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करना है, और इसके लिए हम जहां से भी संभव होगा, कार्गो प्राप्त करेंगे।’
15 देशों से एलपीजी की खरीद
मंत्रालय के अनुसार, लगभग 80,000 टन की दैनिक एलपीजी आवश्यकता के मुकाबले, भारत ने घरेलू उत्पादन में लगभग 20% की वृद्धि करके इसे लगभग 46,000 टन तक पहुंचा दिया है। शेष जरूरत के लिए भारत ने पहले 10 देशों से आयात किया था, जो अब बढ़कर 15 हो गया है।
पहले एलपीजी की 90% आपूर्ति खाड़ी देशों – संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान से होती थी। हालांकि, अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी इसकी खरीद बढ़ रही है। इस महीने की शुरुआत में सरकार ने कहा था कि कम से कम आठ लाख टन आयातित माल की गारंटी मिल चुकी है और वह रास्ते में है।
युद्ध शुरू होने और सप्लाई चेन बाधित होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करके भारत पहुंचे 10 जहाजों में से 9 में खाना पकाने की गैस थी।
सरकार ने कहा- देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य
इससे पहले शक्रवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि देश भर में 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री जारी है और अप्रैल महीने में अब तक कुल 17.83 लाख सिलेंडर बिक चुके हैं, जिनमें से 81,000 से अधिक सिलेंडर हाल ही में बेचे गए।
मंत्रालय ने कहा कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति (ड्राई-आउट) की कोई खबर नहीं है।
इसके अलावा, 5.27 लाख पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और 2.60 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जिससे कुल कनेक्शन संख्या 7.87 लाख हो गई है। करीब 5.97 लाख नए ग्राहकों ने गैस कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं, 42,000 से ज्यादा पीएनजी उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद घरेलू उपयोग के लिए गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- राम माधव के रूसी और ईरानी तेल पर अमेरिका में दिए किस बयान पर मचा हंगामा, देनी पड़ी सफाई

