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FIFA World Cup: स्पेन 16 साल बाद फिर बना फुटबॉल का बादशाह, अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार बना चैंपियन

स्पेन के अनुशासित डिफेंस ने कप्तान लियोनेल मेसी को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अर्जेंटीना पूरे मुकाबले में साफ मौके बनाने के लिए संघर्ष करता रहा।

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Spain national football team celebrates on the podium with trophy and medals after winning the FIFA World Cup 2026, fans in background.
New Jersey: Team Spain celebrates during the awarding ceremony after the final match between Spain and Argentina at the 2026 FIFA World Cup at the New York-New Jersey Stadium, the United States, July 19, 2026. (Photo: Xinhua via IANS)

न्यू जर्सी: स्पेन ने 16 साल बाद एक बार फिर फुटबॉल की दुनिया पर अपना दबदबा कायम करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया। न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। मुकाबले का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में हुआ, जहां सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में विजयी गोल दागकर स्पेन को साल 2010 के बाद दूसरा विश्व कप दिलाया।

इस जीत के साथ स्पेन ने सिर्फ ट्रॉफी ही नहीं जीती, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। पूरी प्रतियोगिता में स्पेन ने आठ मैचों में सिर्फ एक गोल खाया, जो क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ आया था। यह किसी भी विश्व कप विजेता टीम द्वारा पूरे टूर्नामेंट में सबसे कम गोल खाने का नया रिकॉर्ड है। इसके अलावा स्पेन का अपराजेय अभियान अब 38 मैचों तक पहुंच गया है। टीम ने इस दौरान 29 जीत और नौ ड्रॉ खेले हैं। यह किसी भी यूरोपीय टीम का सबसे लंबा अपराजेय सफर बन गया है। इससे पहले इटली के नाम 37 मैचों तक अपराजेय रहने का रिकॉर्ड था।

फेरान टोरेस बने जीत के हीरो

न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में तनावपूर्ण और कड़े मुकाबले वाले 90 मिनट बिना किसी गोल के रहा। दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और लगातार हमले किए। हालांकि अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव कर स्पेन को लंबे समय तक बढ़त लेने से रोके रखा।

एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को फेरान टोरेस ने शानदार तरीके से नियंत्रित किया और बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यही गोल मैच का निर्णायक पल साबित हुआ।

इसके बाद स्पेन ने एक और गोल किया था, लेकिन रेफरी ने उससे पहले हुए फाउल के कारण उसे अमान्य कर दिया। इसके बावजूद स्पेन ने अंत तक बढ़त बरकरार रखी और अर्जेंटीना की वापसी की हर कोशिश नाकाम कर दी।

पूरे मुकाबले में संघर्ष करता रहा अर्जेंटीना

स्पेन के अनुशासित डिफेंस ने कप्तान लियोनेल मेसी को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अर्जेंटीना पूरे मुकाबले में साफ मौके बनाने के लिए संघर्ष करता रहा।

नॉर्मल टाइम के स्टॉपेज टाइम में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गया।

गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने अंतिम मिनटों में पूरा जोर लगा दिया। मेसी भी आखिर में कुछ सक्रिय दिखे और टीम ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना कोई भी ऐसा मौका नहीं बना सकी, जिससे स्पेन के गोलकीपर को गंभीर चुनौती मिले।

कोच लुइस डे ला फुएंते की टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी। फाइनल में भी उसने संयम और आक्रामक खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद अपना दूसरा फीफा विश्व कप खिताब जीत लिया, जबकि 2022 का चैंपियन अर्जेंटीना अपने खिताब का बचाव करने में सफल नहीं हो सका।

भारत में जश्न और मायूसी दोनों

स्पेन की जीत का असर भारत में भी देखने को मिला। स्पेन की जीत पर जश्न तो अर्टेंटीना की हार पर मायूसी भी दिखी। केरल के कोझिकोड जिले के कुट्टियाडी में स्पेन समर्थक सड़कों पर उतर आए। फैंस ने नाच-गाकर और आतिशबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की।

मेघालय के शिलांग में सरकार की ओर से फाइनल मैच की विशेष स्क्रीनिंग की गई थी। मैच खत्म होते ही स्पेन समर्थकों ने जश्न मनाया, जबकि अर्जेंटीना के प्रशंसक निराश नजर आए। कई लोग स्पेन और अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर मैच देखने पहुंचे थे।

मुंबई में अर्जेंटीना के समर्थकों ने हार पर निराशा जताई। एक फैन ने कहा कि फाइनल में मेसी अपनी छाप नहीं छोड़ सके, जबकि दूसरे प्रशंसक ने माना कि पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन फाइनल में स्पेन हर विभाग में बेहतर साबित हुआ।

दिल्ली के एक फुटबॉल प्रशंसक ने कहा कि मेसी की टीम की हार का दुख जरूर है, लेकिन स्पेन ने पूरे मैच में बेहतर फुटबॉल खेली और जीत का हकदार था। वहीं, एक अन्य फैन का कहना था कि अर्जेंटीना जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक खेलता रहा और आखिरी 10 मिनट छोड़कर आक्रामक अंदाज नहीं दिखा सका।

भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हमीदुल्लाह ने भी कहा कि उन्हें अर्जेंटीना से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन फाइनल में स्पेन ने जिस तरह का खेल दिखाया, उसके आधार पर वही विश्व चैंपियन बनने का असली हकदार था।

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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