अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शनिवार को देशभर में योग की अनूठी तस्वीरें देखने को मिलीं। सेना, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में योगाभ्यास कर यह संदेश दिया कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि अनुशासन, मानसिक संतुलन और आत्मबल का माध्यम भी है।
इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ रही। इसी के अनुरूप भारतीय नौसेना, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवानों ने योग को अपनी दैनिक जीवनशैली और पेशेवर दक्षता का हिस्सा बताते हुए सामूहिक योग सत्रों में भाग लिया। कहीं बर्फीली ऊंचाइयों पर योग हुआ तो कहीं समुद्र की गहराइयों में तैनात योद्धाओं ने योग का संदेश दिया।
14,000 फीट की ऊंचाई पर हिमवीरों का योग
लेह-लद्दाख स्थित पैंगोंग त्सो झील के किनारे 14,000 फीट की ऊंचाई पर आईटीबीपी की 47वीं बटालियन के जवानों ने योगाभ्यास किया। दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात हिमवीरों ने योग के माध्यम से शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और आंतरिक संतुलन का प्रदर्शन किया। आईटीबीपी ने कहा कि योग फिटनेस, सहनशक्ति और आत्मबल को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।

समुद्र की गहराइयों में नौसेना का योग संकल्प
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय नौसेना के जवानों और पनडुब्बी योद्धाओं ने भी योगाभ्यास किया। नौसेना ने इसे ‘मन से शांत, शरीर से मजबूत और सेवा के प्रति समर्पित’ रहने का माध्यम बताया। समुद्र के बीच और पनडुब्बियों के भीतर योग करते जवानों की तस्वीरों ने यह संदेश दिया कि योग हर परिस्थिति में संतुलन और एकाग्रता बनाए रखने में मदद करता है।

सीआरपीएफ का संदेश- बेहतर भविष्य के लिए योग
देशभर में सीआरपीएफ की विभिन्न इकाइयों ने सामूहिक योग सत्र आयोजित किए। नई दिल्ली स्थित एसडीजी कैंप में सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी योगाभ्यास किया। बल ने कहा कि योग जीवन के हर चरण में फिट और सक्रिय बने रहने की प्रेरणा देता है तथा बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सीआईएसएफ के जवानों ने अपनाया अनुशासन का मंत्र
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास किया। बल के अनुसार योग केवल शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, अनुशासन और परिचालन तैयारी को भी बेहतर बनाता है। सीआईएसएफ ने योग को भारत की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया।


