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कांग्रेस की बैठक से लगातार तीसरी बार नदारद रहे शशि थरूर, क्यों बना हुआ है तनाव?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर लगातार तीसरी बार पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। पार्टी के साथ उनके संबंध हाल के दिनों में तनावपूर्ण रहे हैं।

नई दिल्लीः सांसद शशि थरूर गुरुवार, 11 दिसंबर को हुई कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बैठक की अध्यक्षता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की जिसमें पार्टी के लोकसभा सांसद उपस्थित हुए। थरूर इससे पहले भी पार्टी की दो बैठकों में शामिल नहीं हुए थे। ऐसे में पार्टी के साथ उनके संबंधों में दरार के रूप में देखा जा रहा है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने शुक्रवार, 12 दिसंबर को सूत्रों के हवाले से लिखा कि थरूर ने अपनी अनुपस्थिति को लेकर सूचना दी। थरूर भले ही कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं हुए लेकिन हाल ही में पीएम मोदी के व्याख्यान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजकीय भोज जैसे कार्यक्रमों में शामिल हुए।

कांग्रेस की बैठक में नहीं शामिल हुए शशि थरूर

वहीं, उन्होंने पार्टी की बैठक में शामिल न होने को लेकर कुछ नहीं कहा है। कांग्रेस की इस बैठक में चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी भी शामिल नहीं हुए। हालांकि तिवारी के कांग्रेस से संबंध शशि थरूर जैसे तनावपूर्ण नहीं रहे हैं। दरअसल कांग्रेस चाहती थी कि वह ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विदेश जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में अपने सांसदों का चुनाव स्वयं करे। गौरतलब है कि शशि थरूर ने एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था और तिवारी उसमें कांग्रेस सांसद थे।

गुरुवार, 11 दिसंबर को थरूर के एक्स हैंडल से पता चला कि वह कोलकाता में एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में थे जहां वह परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद थे।

इस दौरान पूर्व राजनयिक ने मंच पर महिला अधिकारों पर बात की। इसमें उन्होंने वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) को आपराधिक अपराध बनाने के लिए उनके द्वारा प्रस्तावित हालिया विधेयक भी शामिल है। इस दौरान उन्होंने अपनी बहन के लिए एक गाना भी गाया।

शशि थरूर की यह अनुपस्थित संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुई है। गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ है और 19 दिसंबर तक चलेगा।

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य थरूर इससे पहले सत्र शुरू होने से पहले 30 नवंबर को हुई बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे। संसद से बाहर उनसे जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा “मैंने बैठक नहीं छोड़ी। मैं केरल से आ रहा था। बस इतना ही।”

केरल में एसआईआर बैठक में भी नहीं हुए शामिल

2022 में मल्लिकार्जुन खडगे से पार्टी अध्यक्ष चुनाव हारने वाले थरूर हाल के दिनों में सदन में पार्टी के अध्यक्षों की सूची में शामिल नहीं रहे हैं।

30 नवंबर की बैठक से पहले वह केरल की मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के मुद्दे पर हुई पार्टी की बैठक में अनुपस्थित रहे थे। एसआईआर वर्तमान में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है क्योंकि पार्टी ने बिहार में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार ठहराया था और यह विशेष रूप से राहुल गांधी का पसंदीदा मुद्दा रहा है।

SIR को लेकर हुई इस बैठक में शामिल न होने पर थरूर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। हालांकि थरूर पर सवाल तब उठे जब वह एक ऐसे कार्यक्रम में मौजूद थे जहां अगले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया था। थरूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट भी किए।

वहीं हाल ही में वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्रुपद मुर्मू द्वारा आयोजित राजकीय भोज में आमंत्रित कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि थे।

अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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