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रॉकेट, ड्रोन और मिसाइल…पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध कहां जा रहा है? ईरान, इजराइल-अमेरिका का वार-पलटवार जारी

कई अलग-अलग रिपोर्टों में बताया गया है कि जंग छिड़ने के बाद से ईरान में 1,000 से ज्यादा, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजराइल में भी करीब एक दर्जन लोग मारे गए हैं।

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Tel Aviv: Missile debris falls after Israeli air defense systems launched interceptor missiles over Tel Aviv, Israel, March 1, 2026. Multiple explosions were heard in Tel Aviv on Sunday, eyewitnesses said, as Israel's military said it was operating to intercept new barrages of missiles from Iran that triggered air raid sirens across the country. (Xinhua via IANS)

नई दिल्ली: इजरायल ने गुरुवार तड़के लेबनान पर फिर हमला किया और साथ ही बताया कि उसने ईरान से दागी गई कई नई मिसाइलों को रोका है। ताजा हालात ये हैं कि अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किया गया युद्ध पश्चिम एशिया में भारी अस्थिरता लेकर आया है। यह तनाव बुधवार को तब और बढ़ गया जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया।

इसके अलावा अमेरिकी सीनेट ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को सीमित करने के उद्देश्य से लाए गए युद्ध शक्ति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अमेरिका और इजराइल के शनिवार को किए गए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य प्रमुख लोगों की मौत के बाद से छिड़ा संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया है। ईरान की ओर से इजराइल सहित पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

कई अलग-अलग रिपोर्टों में बताया गया है कि जंग छिड़ने के बाद से ईरान में 1,000 से ज्यादा, लेबनान में 70 से ज्यादा और इजराइल में भी करीब एक दर्जन लोग मारे गए हैं। अमेरिका और इजराइलल ने कहा कि उन्होंने ईरान के नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है। साथ ही यह भी कहा कि सरकार को गिराना उनका लक्ष्य है। जंग छिड़ने के बाद से अमेरिका और इजराइल की ओर से दिए गए कई बयानों से ही यह संकेत मिल गया है कि संघर्ष लंबे समय तक चल सकता है।

ईरान की ओर से इजराइल पर ताजा हमला

इजराइली सेना और तेहरान के सरकारी मीडिया के अनुसार ईरान ने भी गुरुवार तड़के इजराइल पर कई मिसाइलें दागी। इसके बाद से तेल अवीव सहित कई क्षेत्रों में ताजा अलर्ट जारी करना पड़ा। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है। अमेरिका और इजराइल द्वारा शनिवार को ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर भी हमले किए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया और चेतावनी दी कि ‘अमेरिकियों की किसी भी धोखे से पूरे क्षेत्र की सैन्य और आर्थिक संरचना ध्वस्त हो सकती है।’

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को यह भी दावा किया कि ‘होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की नौसेना के पूर्ण नियंत्रण में है।’

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक अहम समुद्री व्यापाकिर मार्ग है। खासकर दुनिया के तेल बाजार और अल्म्यूनियम उत्पादन करने वालों के लिए ये बेहद अहम है। वैश्विक अल्म्यूनियम निर्यात का 15 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है। इसके अलावा वैश्विक फर्टिलाइजर व्यापार का एक चौथाई भी इस समुद्री मार्ग से गुजरता है। कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब जैसे देशों के लिए तेल निर्यात करने का ये सबसे जरूरी मार्ग है।

इस बीच तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि ईरान से इराक और सीरिया होते हुए तुर्की के हवाई क्षेत्र की ओर जा रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को नाटो की वायु रक्षा प्रणालियों ने नष्ट किया। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी बताया है कि उसने अल-खारज शहर के बाहर तीन क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया है।

ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने डूबोया

जारी जंग में एक और बड़ी घटना बुधवार को तब हुई जब अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने भारतीय महासागर में ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो का इस्तेमाल करके दुश्मन का युद्धपोत नष्ट किया।

श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया है कि उन्होंने जहाज से 32 लोगों को बचाया है और 87 शव उन्हें मिले हैं।

वहीं, अमेरिका में पेंटागन प्रेस ब्रीफिंग में वार सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह हमला अमेरिकी नौसैनिक शक्ति की पहुंच को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘वास्तव में, कल भारतीय महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित है। यह जहाज टॉरपीडो हमले से डूबा, यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार हुआ।’

पेंटागन के अनुसार, ईरानी जहाज उस समय मुख्य युद्ध क्षेत्र से बाहर था जब इसे निशाना बनाया गया। केन ने कहा कि यह हमला दिखाता है कि अमेरिकी सेनाएं दुश्मन जहाजों को मुख्य युद्ध क्षेत्र से दूर भी ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अब तक संघर्ष के दौरान 20 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।

डिप्लेमोसी और मध्यस्थता के प्रयास

ट्रंप की कार्रवाई और आगे की धमकियों के बाद स्पेन ने ईरान के खिलाफ वाशिंगटन द्वारा अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल का कड़ा विरोध किया है। व्हाइट हाउस ने बाद में कहा कि स्पेन अब सहयोग करने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि ‘सैनिक ठिकानों, मध्य पूर्व में युद्ध और ईरान पर बमबारी के मुद्दे पर उसका रुख बिल्कुल नहीं बदला है।’

वहीं, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि उनका देश पश्चिम एशिया में मध्यस्थता के लिए एक विशेष दूत भेजेगा। बीजिंग ईरान का करीबी सहयोगी है और उसने कहा है कि वह तेहरान की संप्रभुता की रक्षा में उसका समर्थन करता है, साथ ही अमेरिका और इजराइल से अपने हमले रोकने का आग्रह करता है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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