Home भारत राम मंदिर चढ़ावा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी SIT से मांगी स्टेटस...

राम मंदिर चढ़ावा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी SIT से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, ट्रस्ट को भी जारी किया नोटिस

सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि एसआईटी में किन अधिकारियों को शामिल किया गया है। पीठ ने कहा, “हम जानना चाहते हैं कि एसआईटी के सदस्य कौन हैं। जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। रिपोर्ट देखने के बाद हम जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त निर्देश जारी कर सकते हैं।”

0
Ram mandir donation case
सुप्रीम कोर्ट और राम मंदिर। AI

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट में सोमवार अयोध्या के राम मंदिर में मिले चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के मामले की सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यूपी सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी। साथ ही अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भी जारी किया। कोर्ट ने इस बात का भी संकेत दिया कि जांच की प्रगति देखने के बाद वह मामले में आगे के निर्देश भी जारी कर सकता है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ उन कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें ट्रस्ट के वित्तीय मामलों में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

SIT में कौन-कौन, स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें

सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि एसआईटी में किन अधिकारियों को शामिल किया गया है। पीठ ने कहा, “हम जानना चाहते हैं कि एसआईटी के सदस्य कौन हैं। जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। रिपोर्ट देखने के बाद हम जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त निर्देश जारी कर सकते हैं।”

अदालत ने कहा कि मामले में आगे बढ़ने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पक्ष जानना भी जरूरी है। इसलिए ट्रस्ट को नोटिस जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि एसआईटी अपनी स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल करेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए तय कर दी।

ये भी पढ़ेंः 15 हजार की नौकरी में 65 लाख का घर, फार्महाउस! जांच के घेरे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी की संपत्तियां

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में क्या मांग की गई हैं?

यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए नकद दान और अन्य चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की जांच के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिकाओं के जरिए इस मामले की सीबीआई जांच, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ट्रस्ट के खातों का ऑडिट और अदालत की निगरानी में फोरेंसिक जांच कराने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग की है। वहीं, अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने एफआईआर दर्ज कर समयबद्ध और स्वतंत्र सीबीआई जांच कराने की मांग की है। राजद सांसद सुधाकर सिंह ने भी अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच और ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का व्यापक फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।

याचिका में ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का भी अनुरोध किया गया है। इसमें नकद दान, बैंक लेनदेन, यूपीआई ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों को संरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।

इसके अलावा, अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि जांच पूरी होने तक ट्रस्ट बड़े वित्तीय और प्रशासनिक फैसले, जैसे बड़े ठेके देना, निवेश करना या ट्रस्ट की संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय, अदालत की ओर से प्रस्तावित निगरानी समिति की अनुमति के बिना न ले।

याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि ट्रस्ट अपनी स्थापना से अब तक मिले सभी दान का पूरा ब्योरा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करे। इसमें नकद दान, बैंक ट्रांसफर, डिजिटल भुगतान, विदेशी अंशदान और सोना-चांदी जैसे अन्य चढ़ावे के साथ उनके उपयोग और लेखांकन की जानकारी भी शामिल हो। साथ ही पारदर्शिता के हित में ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट और दान से जुड़े रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।

ये भी पढ़ेंः राम मंदिर दान में मिले पैसे शेयरों में निवेश किए गए

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version