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पंजाब भाजपा में हलचल! पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह की अमित शाह, नड्डा से मुलाकात

अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस छोड़ दी थी और बाद में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का साल 2022 में भाजपा में विलय कर दिया था।

Amarinder Singh Meets Amit Shah in New Delhi

नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कुछ साल पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हाल ही में पंजाब भाजपा अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को लेकर अमरिंदर सिंह की नाराजगी सार्वजनिक तौर पर सामने आई थी।

इन मुलाकातों ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट अमरिंदर सिंह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं।

अमित शाह से मुलाकात के बाद अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात हुई और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।’ इसके बाद उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की। नड्डा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इन दोनों के बीच पंजाब समेत कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

ढिल्लों की नियुक्ति पर जताई थी नाराजगी

अमित शाह सहित जेपी नड्डा के साथ अमरिंद सिंह की बैठकों को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। 84 वर्षीय कैप्टन ने कहा था कि इस नियुक्ति से पहले उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या ढिल्लों भाजपा की 2027 विधानसभा चुनावों से जुड़ी अपेक्षाओं पर खरे उतर पाएंगे।

अमरिंदर सिंह ने कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि केवल सिंह ढिल्लों वह परिणाम दे पाएंगे, जिसकी भाजपा उनसे उम्मीद कर रही है।’ उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की राजनीति में छह दशक बिताने के बावजूद उन्हें इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसले में नजरअंदाज किया गया। अमरिंदर का तर्क था कि नेतृत्व का चयन क्षमता के आधार पर होना चाहिए, न कि जातीय समीकरणों के आधार पर। उन्होंने जाट सिख चेहरे के तौर पर ढिल्लों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी सवाल उठाए थे।

कैप्टन अमरिंदर के भाजपा छोड़ने की अटकलें

अमरिंदर सिंह के भविष्य को लेकर चर्चाएं तब और तेज हो गईं थी जब वह हाल ही में हुए उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिसमें केवल सिंह ढिल्लों ने औपचारिक रूप से पंजाब भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला था। इस कार्यक्रम से पंजाब के कुछ अन्य भाजपा नेताओं और राज्यसभा सांसदों की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही।

इस बीच, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी दावा किया था कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि पंजाब भाजपा नेतृत्व ने इन अटकलों को खारिज किया है। पार्टी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावल ने कहा, ‘ये सिर्फ अफवाहें हैं। वह कहीं नहीं जा रहे हैं, वह भाजपा के साथ हैं।’

अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस छोड़ दी थी और बाद में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का साल 2022 में भाजपा में विलय कर दिया था। फिलहाल न तो अमरिंदर सिंह और न ही भाजपा की ओर से उनके पार्टी छोड़ने के कोई संकेत मिले हैं। हालांकि पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह पंजाब विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी कर रही है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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