नई दिल्ली: राजधानी में जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन करीब 5 घंटे बाद समाप्त हो गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर था। सीजेपी की ओर से कहा गया कि अगर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अगले 5 दिन में नहीं आता तो सीजेपी के लोग फिर अगले शनिवार को जंतर-मंतर पर जुटेंगे। प्रदर्शन में सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हुए।
इससे पहले दिल्ली पुलिस की ओर से शाम 5 बजे तक एक दिन के प्रदर्शन की इजाजत की गई थी। हालांकि, दोपहर तीन बजे के आसपास पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक धरनास्थल से रवाना हो गए। इसके बाद प्रदर्शन सीजेपी की ओर एक दिन के प्रदर्शन को खत्म करने की भी घोषणा कर दी गई।
दिन भर हजारों लोगों की भीड़ जुटी रही। इसमें ज्यादातर युवा पेशेवर और स्टूडेंट नजर आए। इनमें से कई ने कॉकरोच मास्क पहने हुए थे और इनके हाथों में फूल नजर आया। कुछ स्कूली बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ नजर आए। इस दौरान अभिजीत समेत कई प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
‘इस्तीफा नहीं आया तो फिर जुटेंगे’
अमेरिका से लौटने के बाद शनिवार सुबह सीधा जंतर-मंतर पहुंचे अभिजीत दीपके ने पहले कहा था कि शाम 5 बजे तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा। अभिजीत ने बाद में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी अपनी मांग पर अड़ी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। अगर कॉकरोच जनता पार्टी की बात नहीं मानी जाती है, तो 13 जून को जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
बहरहाल, सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही इंदिरा गांधी एयरपोर्ट, मुख्य रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और दिल्ली के बॉर्डर पॉइंट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। करीब 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तमाम तय किए गए जगहों पर तैनात किए गए थे।
इससे पहले अभिजीत दीपके की फ्लाइट सुबह करीब 7.30 बजे दिल्ली पहुंची। हालांकि, इसके डेढ़ घंटे से ज्यादा समय के बाद वे एयरपोर्ट से बाहर आए। उनके हाथ में बीआर अंबेडकर की ऑटोबायोग्राफी थी। इसके बाद करीब 10 बजे वे और उनकी टीम जंतर-मंतर पहुंची। सोनम वांगचुंक कुछ देर बाद हाथ में लाल गुलाब लेकर जंतर-मंतर पहुंचे।
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान क्या कुछ कहा?
दीपके ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब उनकी फ्लाइड लैंड होने वाली थी तो ऐसा लगा कि वे आजादी के आखिरी पलों को जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके ‘भारत लौटने पर उनकी मां रो रही थी। उन्हें डर था कि भारत लौ़टते ही गिरफ्तार हो जाउंगा। ये डर हर उस मां को है जिनका बेटा, स्टूडेंट सरकार के खिलाफ बोलता है। हम कब तक डरेंगे। इन्हें बता दो कि इनकी डर की राजनीति से हम अब नहीं डरने वाले हैं।’
अभिजीत ने कहा कि ‘सरकार ने सालों तक हमें हिंदू-मुसलमान की राजनीति में फंसाकर रखा है। हिंदू मुसलमान करने से देश में किसी को नौकरी नहीं मिलती।’ दीपके ने कहा, ‘पिछले 5, 10 दिन से लोग मुझसे सवाल कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर पेज चलाकर क्या होगा। उन लोगों को कैमरा घुमाकर ये दिखा दीजिए कि जंतर मंतर पर कितने कॉकरोच घर से बाहर निकल कर आएं हैं।’
यह भी पढ़ें- बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह हर्ष फायरिंग मामले में दोषी करार



