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होर्मुज नाकेबंदी के बीच पाकिस्तान ने ईरान के लिए खोले 6 जमीनी रास्ते, अमेरिकी एक्सपर्ट ने उठाया सवाल

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका से दोहरा व्यवहार कर रहा है।

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Iran-America war, Strait of Hormuz (File Photo)
प्रतीकात्मक तस्वीर: IANS

वॉशिंगटन: फारस की खाड़ी में ठप पड़े समुद्री व्यापार के बीच पाकिस्तान ने ईरान जाने वाले माल के लिए छह जमीनी मार्गों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया है। पाक वाणिज्य मंत्रालय द्वारा घोषित यह आपातकालीन उपाय स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में कई दिनों से चल रहे गतिरोध के बीच आया है, जिसके कारण पाकिस्तानी बंदरगाहों पर हजारों शिपिंग कंटेनर फंसे हुए हैं।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान एक बार फिर अमेरिका से दोहरा व्यवहार कर रहा है। डेरेक जे ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी है कि रूस, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापार करने के लिए ईरान को छह जमीनी मार्ग देकर पाकिस्तान ने अमेरिकी नाकाबंदी को कमजोर करने में ईरान की मदद की है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धोखा दिया है।

पाकिस्तान पर अमेरिकी एक्सपर्ट ने उठाए सवाल

एक्स पर एक पोस्ट में ग्रॉसमैन ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान को ये जमीनी रास्ते देकर ट्रंप की अधिकतम दबाव की रणनीति को कमजोर कर दिया है। ग्रॉसमैन ने कहा, ‘ट्रंप प्रशासन, आपके सामने एक समस्या है। आपका अच्छा दोस्त पाकिस्तान ईरान के लिए छह जमीनी रास्ते खोल चुका है, जिससे ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में आपकी जवाबी नाकाबंदी को दरकिनार करने में मदद मिलेगी। इससे ईरान को अमेरिकी दबाव का विरोध जारी रखने में मदद मिलेगी। इस्लामाबाद ने एक बार फिर अमेरिका के साथ दोहरा व्यवहार किया है!’

बता दें कि ट्रंप साफ कर चुके हैं कि अमेरिकी नाकाबंदी के जरिए वे ईरान को इतना आर्थिक दबाव पहुंचाना चाहते हैं कि वह उनकी मांगें मान ले और उनकी शर्तों के अनुसार युद्ध समाप्त करे। खबरों के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को लंबी नाकाबंदी के लिए तैयार रहने को कहा है।

पाकिस्तान ने किन रास्तों को खोला है?

पिछले सप्ताह, पाकिस्तान ने छह मार्गों की घोषणा की जिनका उपयोग ईरान अपने माल को पाकिस्तान से होकर ले जाने के लिए कर सकता है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान जाने वाले 3,000 से अधिक मालवाहक कंटेनर पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। अखबार ने यह भी संकेत दिया है कि इन कंटेनरों को सड़क मार्ग से भी ले जाया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान के लिए पाकिस्तान ने इन छह रास्तों को अधिसूचित किया है-

  • ग्वादर से गाब्द: सबसे छोटा मार्ग, जिससे आवागमन समय 87 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
  • कराची/पोर्ट कासिम – ल्यारी – ओरमारा – पसनी – गाब्द
  • कराची/पोर्ट कासिम – खुजदार – दलबंदिन – ताफ्तान
  • ग्वादर – तुर्बत – पंजगुर – क्वेटा – ताफ्तान
  • ग्वादर – ल्यारी – खुजदार – क्वेटा – ताफ्तान
  • कराची/पोर्ट कासिम-ग्वादर-गाब्द

फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मूज जलमार्ग कई बार बंद हुआ है। इस रास्ते से आम तौर पर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। 18 अप्रैल को ईरान ने इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर दिया था और चेतावनी दी कि किसी भी जहाज को जो यहाँ से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे ‘दुश्मन के साथ सहयोग’ करने वाला माना जाएगा।

यह कदम अमेरिका द्वारा जारी नाकाबंदी के जवाब में उठाया गया था। इस बीच समुद्री बीमा की दरें आसमान छू रही हैं और समुद्री मार्ग लगभग बंद हो चुके हैं। ऐसे में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से होकर गुजरने वाले भूमि मार्ग ही ईरानी आयात के लिए एकमात्र विकल्प बन गए हैं।

इन ट्रेड कॉरिडोर पर पाकिस्तानी सरकार ने अब सख्त सीमा शुल्क प्रोटोकॉल भी लागू कर दिए हैं। व्यापारियों को अब माल पर पाकिस्तान के आयात शुल्क के बराबर मूल्य की इनकैशेबल बैंक गारंटी प्रदान करनी होगी। इस नीति के तहत माल को समुद्री कंटेनरों से ट्रकों या अन्य भूमि परिवहन वाले वाहनों में स्थानांतरित करने की भी अनुमति होगी।

अहम बात यह भी है कि यह ढांचा विशेष रूप से उन वस्तुओं पर लागू होगा है जो तीसरे देशों से आती हैं और ईरान जाने के रास्ते में पाकिस्तान से होकर गुजरती हैं। इधर ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण ने इस कदम का स्वागत किया है और संकट को बंदरगाह को क्षेत्रीय केंद्र के रूप में मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा है। हालांकि, सुरक्षा अभी भी चिंता का विषय है, क्योंकि ये मार्ग बलूचिस्तान के दूरदराज के इलाकों से होकर गुजरते हैं, जहां क्षेत्रीय संघर्ष बड़ा खतरा है।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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