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पाकिस्तान: अमेरिका ने गैर-जरूरी स्टाफ को कराची-लाहौर कॉन्सुलेट छोड़ने को कहा

अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की खबर के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोलने की कोशिश की थी। इस्लामाबाद में भी दूतावास के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प की खबरें आई थी।

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Karachi: Law enforcement personnel (R) stand guard during clashes with anti-U.S. protesters near the U.S. Consulate in southern Pakistani port city of Karachi on March 1, 2026. Twenty people were killed and over 100 others injured in anti-U.S. demonstrations in Pakistan on Sunday, police sources told Xinhua. (Xinhua via IANS)

इस्लामाबाद: अमेरिका ने बुधवार को लाहौर और कराची स्थित अपने कॉन्सुलेट से नॉन-इमरजेंसी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस जाने का आदेश दिया है। अमेरिका ने ईरान पर इजराइल-अमेरिका के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद बढ़ते तनाव के मद्देनजर ‘सुरक्षा जोखिमों’ का हवाला देते हुए ये निर्देश जारी किए हैं।

पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा कि विदेश विभाग ने दोनों दूतावासों से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को निकलने का निर्देश दिया है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इसके अलावा, वाशिंगटन ने एहतियाती उपाय के तौर पर सऊदी अरब, साइप्रस और ओमान स्थित अपने राजनयिक दूतावासों से भी कर्मचारियों को स्वेच्छा से वापस जाने की अनुमति दी है। इससे पहले मंगलवार को विभाग ने कहा कि वह मध्य पूर्व छोड़कर अमेरिका लौटने के इच्छुक नागरिकों की सहायता के लिए ‘ऐतिहासिक कदम’ उठा रहा है।

इसमें आगे कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में, ‘9000 से अधिक अमेरिकी नागरिक मध्य पूर्व से सुरक्षित लौट आए हैं, जिनमें इजराइल से 300 से अधिक लोग शामिल हैं।’

पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात

ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इजराइल के हमलों में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से पश्चिम एशिया में हालात लगातार खराब हो रहे हैं। तेहरान की ओर से जवाबी कार्रवाई न केवल इजराइल बल्कि पश्चिम एशिया के कई अन्य मुल्कों पर भी की गई है, जिससे तनाव कई देशों में फैल गया है।

दुबई से लेकर सऊदी अरब, कतर, बहरीन जैसी जगहों पर ईरान ने हमले किए हैं। दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के समीप एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। दुबई में यह घटना मंगलवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) उस समय हुई, जब कुवैत और रियाद में अमेरिकी राजनयिक केंद्रों पर हुए हमलों के ठीक एक दिन बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर था।

इन सिलसिलेवार हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में शत्रुता और असुरक्षा के वातावरण को और अधिक गहरा कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुबई में ड्रोन से जुड़ी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं।

हमले के बाद, अमेरिकी सरकारी अधिकारियों ने अमेरिकी नागरिकों को वाणिज्य दूतावास परिसर से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी, क्योंकि अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं पर जारी हमलों के बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।

वहीं, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि ईरान ने अब तक देश पर 186 मिसाइल और 812 ड्रोन दागे हैं। मंत्रालय ने दावा किया कि, अधिकतर हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। डिफेंस प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल नासिर मोहम्मद अल-हुमैदी ने बताया कि 186 मिसाइलों में से 172 को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया, जबकि 13 मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। एक मिसाइल यूएई की सीमा के भीतर गिरी।

इधर खामेनेई की हत्या की खबर के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में प्रदर्शनकारियों ने रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोलने की कोशिश की थी। इस्लामाबाद में भी दूतावास के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प की खबरें आई। संयुक्त राष्ट्र के कार्यालयों पर भी हमले हुए। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में पाकिस्तान में कम से कम 34 लोग मारे गए और 120 से अधिक लोग घायल हुए।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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