नई दिल्ली: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने सीमा से लगे अफगान इलाकों में रात भर हवाई हमले किए। इसमें 11 बच्चों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हुए। तालिबान सरकार के अनुसार हमले उस समय हुए जब लोग अपने घरों में सो रहे थे और उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए। उन्होंने मृतकों की तस्वीरें भी साझा कीं और हमलों को हाल के हफ्तों में पाकिस्तान की सबसे घातक कार्रवाई बताया।
मुजाहिद ने कहा, ‘पिछली रात पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की। इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हो गए।’
घरों को बनाया गया निशाना
समाचार एजेंसी एएफपी ने अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में एक अधिकारी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्पेरा जिले में एक घर पर हमला हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
वहीं पड़ोसी पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हुए एक अन्य हमले में तीन नागरिकों की जान चली गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमले का निशाना एक रिहायशी मकान था और मारे गए लोगों में बच्चे भी शामिल थे।
इन हमलों को लेकर पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इस्लामाबाद पहले भी कहता रहा है कि अफगानिस्तान में की जाने वाली उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य उन आतंकवादी समूहों को निशाना बनाना होता है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं।
हालिया हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले कुछ सप्ताह से दोनों देशों की सीमा पर कुछ शांति बनी हुई थी। फरवरी के अंत में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। उस दौरान सीमा पर भीषण संघर्ष देखने को मिला था। पाकिस्तान ने तब काबुल और कंधार समेत कई अफगान शहरों पर हवाई हमले किए थे।
तालिबान से पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्ते
साल 2021 में तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान इस सरकार को मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि तालिबान की वापसी उसके लिए अच्छा संकेत साबित होगा। हालांकि, बाद के महीनों में दोनों के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है। तालिबान सरकार पाकिस्तान सीमा से लगे कुछ इलाकों पर अपना दावा भी करती रही है, यह तनाव की मुख्य वजहों में से एक है।
वहीं, पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान उसकी सीमा के भीतर हमले करने वाले आतंकियों को शरण देता है। खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को लेकर पाकिस्तान ऐसे आरोप लगाता है।
टीटीपी और अफगान तालिबान अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच करीबी संबंध माने जाते हैं। दूसरी ओर, अफगानिस्तान इन आरोपों को खारिज करता है और पाकिस्तान पर अपनी संप्रभुता का सम्मान नहीं करने तथा विरोधी समूहों को संरक्षण देने का आरोप लगाता है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की पिछले महीने जारी एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल के पहले तीन महीनों में दोनों देशों के बीच संघर्ष और सीमा पार हिंसा की घटनाओं में कम से कम 372 अफगान नागरिकों की मौत हुई, जबकि 397 लोग घायल हुए। ताजा हवाई हमलों के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमा पार सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहा तो पाकिस्तान के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है।
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