नई दिल्लीः नीट-यूजी 2026 (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत हलफनामा दाखिल कर परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाई-स्टेक परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पेपर सेटर, मॉडरेटर, अनुवादक और प्रूफरीडर जैसे संवेदनशील पदों पर नियुक्ति में अब रैंडमाइजेशन और रोटेशन नीति लागू की जाएगी। साथ ही परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की सख्त बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
एजेंसी ने कहा कि मानवीय हस्तक्षेप कम करने और सुरक्षा जोखिम घटाने के लिए अब अनुवाद प्रक्रिया के कम से कम 85 प्रतिशत हिस्से में एआई आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। एनटीए के मुताबिक इससे प्रक्रिया ज्यादा तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।
1,000 सुरक्षित परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी
एनटीए ने अदालत को बताया कि देशभर में कम से कम 1,000 अत्याधुनिक और हाई-सिक्योरिटी टेस्टिंग सेंटर विकसित करने की योजना बनाई गई है। ये केंद्र प्रमुख सरकारी संस्थानों में स्थापित किए जाएंगे।
इन सेंटरों में क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। एजेंसी का दावा है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
रियल-टाइम CCTV और साइबर सिक्योरिटी पर जोर
एनटीए ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर एआई-सक्षम रियल-टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग लागू की जा रही है। इसके अलावा एडवांस साइबर सिक्योरिटी सिस्टम और नेक्स्ट-जेनरेशन फायरवॉल भी लगाए गए हैं।
एजेंसी के अनुसार परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रोसेसिंग के लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी पूरी तरह अपग्रेड किया गया है।
एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि इन कदमों से भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। एजेंसी ने कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक पर एनटीए की खूब हुई थी आलोचना
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।
बढ़ते विवाद के बीच परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का प्रस्ताव है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। इन्हीं याचिकाओं के जवाब में एनटीए ने कोर्ट के सामने अपनी नई सुरक्षा रणनीति और तकनीकी सुधारों का खाका पेश किया है।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट



