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उत्तर भारत में शीत लहर: दिल्ली में सीजन का सबसे ठंडा दिन, पंजाब-हरियाणा में रेड अलर्ट और राजस्थान में पारा शून्य से नीचे

आईएमडी के अनुसार, शीतलहर की स्थिति तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाए। रविवार को दिल्ली में इस मौसम की पहली शीतलहर दर्ज की गई थी, जब कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे चला गया।

उत्तर और मध्य भारत इस समय भीषण शीतलहर और जानलेवा कोहरे की चपेट में है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इस सर्दी की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जब कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 12 जनवरी, 2023 के बाद जनवरी का यह सबसे ठंडा दिन रहा। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम है। लोधी रोड में पारा 3 डिग्री, पालम में 3.3 डिग्री, आयानगर में 3.2 डिग्री और रिज क्षेत्र में 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान करीब 19 डिग्री रहने का अनुमान जताया है और अगले 48 घंटों तक शीतलहर जारी रहने की चेतावनी दी है। इसको लेकर दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

ठंड का कहर तो जारी है, इस बीच राजधानी की हवा भी चिंता का कारण बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 298 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के 20 निगरानी केंद्रों पर हवा ‘बहुत खराब’ स्तर पर दर्ज की गई, जबकि नेहरू नगर में सबसे खराब एक्यूआई 344 रहा। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार 300 से ऊपर एक्यूआई ‘बहुत खराब’ और 400 से ऊपर ‘गंभीर’ माना जाता है।

आईएमडी के अनुसार, शीतलहर की स्थिति तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाए। रविवार को दिल्ली में इस मौसम की पहली शीतलहर दर्ज की गई थी, जब कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे चला गया।

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरा, कई जगह तापमान शून्य के करीब

दिल्ली के अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप और तेज हो गया है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। राजस्थान के प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री और बाड़मेर में माइनस 1 डिग्री सेल्सियस रहा। पिलानी में 1.2 डिग्री, सीकर में 1.7 डिग्री, लूनकरनसर और झुंझुनूं में 1.9 डिग्री तथा चूरू में 2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जयपुर में भी न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री रहा।

पंजाब के बठिंडा में देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुग्राम में तापमान 0 डिग्री और अमृतसर में 1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

मंगलवार को भी उत्तर भारत में घने से बहुत घने कोहरे ने हालात और मुश्किल बना दिए। पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में दृश्यता 50 मीटर से कम रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सरसावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एयरफोर्स स्टेशन और कुशीनगर, तथा पंजाब के अमृतसर में दृश्यता शून्य मीटर दर्ज की गई। दिल्ली के पालम इलाके में दृश्यता 150 मीटर तक सिमट गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोहरा बना रह सकता है।

रेड अलर्ट जारी, हालात और बिगड़ने की आशंका

आईएमडी ने 13 जनवरी के लिए पंजाब और हरियाणा में शीतलहर और घने कोहरे को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी गंभीर मौसम परिस्थितियों को दर्शाती है, जिनसे जनजीवन और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। 14 जनवरी तक इन इलाकों में शीतलहर से गंभीर शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद 17 जनवरी तक येलो अलर्ट लागू रहेगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड का असर उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश की संभावना

जहां उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज अलग है। कोमोरिन क्षेत्र में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 15 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र के उग्र रहने की चेतावनी देते हुए मछुआरों को 15 जनवरी तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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