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नोएडा इंजीनियर की मौत मामले में योगी सरकार ने गठित की SIT, 5 दिन में सौंपनी है रिपोर्ट

नोएडा इंजीनियर की मौत मामले में योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इस टीम को 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है।

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नोएडा इंजीनियर की मौत मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का किया गठन, फोटोः आईएएनएस

नोएडाः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को नोएडा में 27 वर्षीय टेक एक्सपर्ट युवराज मेहता की दुखद मौत की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस समिति को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच की अध्यक्षता मेरठ जोन के एडीजी करेंगे। वहीं, इसमें मेरठ के संभागीय आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य इंजीनियर भी शामिल होंगे।

एसआईटी को जांच पूरी करने का निर्देश

हिंदुस्तान टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि टीम को जांच पूरी करने का दायित्व सौंपा गया है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एम लोकेश को बर्खास्त कर दिया है। वह उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 के आईएएस अधिकारी हैं। हालांकि, इस बात का पता नहीं चल पाया है कि उनकी बर्खास्तगी का इस घटना से संबंधित है या नहीं।

नोएडा के सेक्टर 150 में घने कोहरे से घिरी सड़क पर खाई में गिरने से युवराज मेहता की दुखद मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि युवराज मेहता की मृत्यु दम घुटने से हुई, जिसके बाद उन्हें हृदय गति रुकने से मौत हो गई।

युवराज मेहता 16 जनवरी की रात को गुरुग्राम स्थित ऑफिस से सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क अपने घर वापस आ रहे थे। घने कोहरे के कारण घटती विजिबिलिटी के बीच उनकी कार मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा सड़क से उतर गई और एक बन रहे प्लॉट में चली गई जो कि पानी से भरा था।

चश्मदीदों ने क्या बताया?

चश्मदीदों ने बताया कि युवराज घने कोहरे के कारण बेसमेंट के गड्ढे में गिर गए और घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, एक चश्मदीद मोनिंदर जिसने मदद करने की कोशिश की। उसने कहा, “लगभग एक घंटे और पैंतालीस मिनट तक वह लगातार मदद की गुहार लगाता रहा, कहता रहा, ‘कृपया मुझे बचाओ, मुझे किसी भी तरह से बचाओ।'”

मृतक युवक के पिता ने पुलिस शिकायत में बताया कि सेक्टर 150 के निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण से नाले के पास बैरिकेड्स और रिफ्लेक्टर लगाने का अनुरोध किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने बताया कि पानी के गड्ढे की चारदीवारी के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कार तहखाने में कैसे गिरी और पूरी तरह से पानी में डूब गई। कोहरे के कारण कम दृश्यता और तेज गति को दुर्घटना के संभावित कारणों में गिना जा रहा है।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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