Home विश्व निज्जर हत्याकांड में बड़ा अमेरिकी एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर...

निज्जर हत्याकांड में बड़ा अमेरिकी एक्शन, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर हत्या की साजिश रचने का आरोप, 43 लाख का इनाम

अमेरिकी संघीय अदालत में मंगलवार को सार्वजनिक किए गए अभियोग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का नाम ‘एच.एस.एन.’ के रूप में दर्ज है।

0

वॉशिंगटन: खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। भारत में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। साथ ही अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर भारत से जुड़े संगठित अपराध सिंडिकेट के 24 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने फरार गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 50 हजार डॉलर (करीब 43 लाख रुपये) के इनाम की भी घोषणा की है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी संघीय अदालत में मंगलवार को सार्वजनिक किए गए अभियोग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का नाम ‘एच.एस.एन.’ के रूप में दर्ज है।

गौरतलब है कि निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधे आरोप लगाये थे। उन्होंने दावा किया था कि इस हत्या में भारत सरकार की संलिप्तता के विश्वसनीय आरोप हैं। भारत ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया था।

कनाडा निज्जर को अपने देश का सिख नागरिक मानता था, जबकि भारत सरकार ने उसे पहले ही खालिस्तानी चरमपंथी और आतंकवादी घोषित कर रखा था।

‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ में 24 गिरफ्तार

एफबीआई के मुताबिक, अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ नाम से चलाए गए संयुक्त अभियान में भारत से संचालित तीन अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेटों पर कार्रवाई की। ये सिंडिकेट लॉरेंस बिश्नोई गैंग, भगवानपुरिया गैंग और धांधा गैंग के नाम से पहचाने जाते हैं।

इस कार्रवाई में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अमेरिका से 13, कनाडा से तीन और स्पेन से एक आरोपी शामिल हैं। अमेरिका में गिरफ्तार लोगों में 11 कैलिफोर्निया, एक इंडियाना और एक जॉर्जिया से पकड़ा गया। इसके अलावा सात आरोपी पहले से ही हिरासत में थे।

जांच एजेंसियां अभी भी 10 फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इनमें सात अमेरिका, दो भारत और एक यूरोप में छिपा हुआ बताया गया है।

गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम

एफबीआई ने फरार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार डॉलर के इनाम की घोषणा की है। एजेंसी ने कहा कि बराड़ पर लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। यह गिरोह अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया के अलावा अमेरिका और कनाडा के कई हिस्सों में हिंसक वारदातों में शामिल रहा है।

एफबीआई के अनुसार, गोल्डी बराड़ पर संगठित अपराध (RICO) के तहत साजिश रचने, जबरन वसूली, व्यापार में अवैध हस्तक्षेप और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग अभियोग

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को सार्वजनिक किए गए तीन अलग-अलग अभियोगों में कुल 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेलों में बंद रहते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट चला रहे थे। लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है, जबकि गोल्डी बराड़ अब भी फरार है।

लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा कि अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों को खत्म करने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी ये अपराधी सक्रिय होंगे, वहां उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन गुंडों के लिए दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं है।

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल हरदीप सिंह निज्जर की हत्या तक सीमित नहीं है। यह कई वर्षों से चल रही उस संघीय जांच का हिस्सा है, जिसमें भारत से संचालित संगठित अपराध सिंडिकेटों की गतिविधियों की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन गिरोहों पर जबरन वसूली, सुपारी देकर हत्या, गोलीबारी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध जैसी कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। इनका प्रभाव विशेष रूप से विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय पर देखा गया है।

J&K: शोपियां में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर का कमांडर जाकिर गनई ढेर

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version