नई दिल्ली/सीकरः राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) रविवार दोबारा कराई जा रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इसको लेकर देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रखे हैं। पूरे देश में 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों के बाद एनटीए ने इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए अभूतपूर्व निगरानी व्यवस्था लागू की है।
एनटीए के अनुसार परीक्षा परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया है, जिससे उन्हें प्रश्नपत्र हल करने में सुविधा मिल सके। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया है।
देशभर में 95 हजार से अधिक परीक्षा कक्षों में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के सहयोग से स्थापित किया गया है।
एनटीए ने बताया कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो इनविजिलेटर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ, 48,448 बायोमेट्रिक कर्मी, लगभग 6,700 ऑब्जर्वर और 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं। इस बार आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली को भी लागू किया गया है।
सीकर में बीएसएफ की निगरानी में पहुंचाया गया प्रश्नपत्र
राजस्थान के सीकर जिले में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। प्रश्नपत्रों को 12 बैंकों के स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। परीक्षा शुरू होने से पहले बीएसएफ, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाया गया।
बता दें कि जिले में कुल 91 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 27,106 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। हालांकि यह संख्या पिछले साल की तुलना में 2,873 कम है।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो बीएसएफ जवानों की तैनाती की गई है। जिले में कुल 182 बीएसएफ जवान और करीब 800 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्रों को छह निर्धारित कलेक्शन सेंटरों पर सुरक्षित रूप से जमा कराया जाएगा।
सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी निगरानी एनटीए द्वारा की जा रही है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अफवाह या गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती है। जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में भी री-नीट परीक्षा को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमन कुमार झा ने बताया कि एजुकेशन सिटी स्थित नवोदय विद्यालय में परीक्षा आयोजित की जा रही है, जहां 263 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि परीक्षा एनटीए की निगरानी में होगी और पूरा केंद्र सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी लगे हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जा सके।
अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
एनटीए ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस, एम्बुलेंस, अभिभावकों के बैठने और छाया की व्यवस्था की है। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी और अतिरिक्त रफ शीट भी उपलब्ध कराई गई है।
अभ्यर्थियों को मूल प्रवेश पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी तरह की अफवाह से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश ने अधिकारियों को परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकल-मुक्त तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि पेपर लीक के बाद इस बार परीक्षा व्यवस्था पर पूरे देश की नजर है और एनटीए इसे पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करने का दावा कर रहा है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर फैल रही पेपर लीक और अन्य अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताते हुए छात्रों से आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आग्रह किया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से बिना किसी डर और चिंता के परीक्षा देने की अपील की है। पत्रकारों से बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें एनटीए, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, देश की शिक्षा व्यवस्था और खासकर छात्रों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि करीब 22 लाख छात्र कुछ ही घंटों में परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं और उन्हें पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी छात्र बिना किसी डर या चिंता के परीक्षा दें। मुझे विश्वास है कि आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। देश की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा है और मुझे उम्मीद है कि यह विश्वास आगे भी कायम रहेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस मौके पर राजनीतिक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार लोगों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, “एक नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर मेरी गुजारिश है कि भारत की नई पीढ़ी के भविष्य को मजाक न बनाया जाए। ऐसा कुछ न किया जाए जिससे बच्चों की मानसिक स्थिति प्रभावित हो। कुछ ही घंटों में लाखों छात्र परीक्षा देने जा रहे हैं।”
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों ने हाल के दिनों में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया है। यदि कोई खुद को जिम्मेदार नागरिक या जनप्रतिनिधि मानता है तो उसे देशभर के छात्रों की परेशानियां बढ़ाने के बजाय जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
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