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साइकिल से ट्यूशन पढ़ाते थे, अब बड़ा कोचिंग सेंटर! NEET पेपर लीक केस में 10वीं गिरफ्तारी; कौन हैं शिवराज मोटेगांवकर

NEET Paper Leak case में शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी हुई है। वे महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग संस्थानों में से एक RCC Classes के संस्थापक हैं।

Shivraj Motegaonkar
NEET Paper Leak case में शिवराज मोटेगांवकर गिरफ्तार

नई दिल्ली: सीबीआई द्वारा लातूर स्थित RCC Classes के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी चर्चा में है। इस गिरफ्तारी से महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध कोचिंग संस्थानों में से एक कथित NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले के केंद्र में आ गया है। मोटेगांवकर को रविवार को एक सप्ताह में दूसरी बार पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। सीबीआई का आरोप है कि वह उस नेटवर्क के ‘सक्रिय सदस्य’ थे जिसने 3 मई की परीक्षा से पहले NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र लीक और प्रसारित किए थे। वह इस मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए दसवें व्यक्ति हैं।

NEET Case: क्यों सीबीआई ने किया गिरफ्तार?

दरअसल, हाल ही में एक वायरल वीडियो सामने आया जिसमें मोटेगांवकर छात्रों से पूछ रहे थे कि आरसीसी के मॉक टेस्ट से कितने प्रश्न वास्तविक नीट परीक्षा में आए थे। छात्रों ने जवाब दिया कि उनमें से अधिकांश प्रश्न आए थे। रविवार को सीबीआई ने आरसीसी के लातूर स्थित परिसर की तलाशी ली और साथ ही पुणे में उनसे पूछताछ की।

इस कोचिंग संस्थान द्वारा परीक्षा से पहले ‘गेस प्रश्न’ के रूप में प्रसारित किए गए केमिस्ट्री के 42 प्रश्नों की एजेंसी जांच कर रही है। ऐसा इसलिए कि कथित तौर पर उन प्रश्नों और लीक हुए प्रश्न पत्र के कुछ हिस्सों के बीच समानताएं पाई गई हैं।

जांच एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से जुड़े लोगों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए लीक हुए प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां विवेक पाटिल और अन्य सहित कई लोगों को मुहैया कराईं।

सीबीआई की गिरफ्तारी का आधार जांचकर्ताओं के उन आरोपों में है कि मोटेगांवकर ने “अन्य आरोपियों के साथ मिलकर” परीक्षा से पहले NEET-UG 2026 के प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 14 मई को उनके लातूर स्थित आवास की तलाशी में उनके मोबाइल फोन से लीक हुए प्रश्न पत्र बरामद हुए। मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

सीबीआई ने आगे आरोप लगाया कि लीक हुए प्रश्न पत्रों और उत्तरों की हाथों से लिखी प्रतियां विवेक पाटिल सहित कई लोगों को दी गईं। मोटेगांवकर ने परीक्षा के बाद लीक हुए प्रश्न पत्रों को नष्ट कर दिया। उन पर भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों से निवारण) अधिनियम, 2024 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शिवराज मोटेगांवकर और RCC का सफर

मोटेगांवकर एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने लातूर में पढ़ाई की। उनके कोचिंग सेंटर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्होंने केमिस्ट्री में M.Sc की डिग्री प्राप्त की और बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को रसायन विज्ञान पढ़ाना शुरू किया।

अपने शुरुआती वर्षों में, वे साइकिल से घर-घर जाकर केमिस्ट्री पढ़ाते थे। साल 1999 के करीब उन्होंने लातूर में एक किराए के मकान में केवल 10 छात्रों के साथ अपनी कोचिंग शुरू की, जहाँ वे छोटे-छोटे बैचों में खुद से तैयार किए गए हाथों से लिखे नोट्स के साथ पढ़ाते थे।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार उनके एक पुराने छात्र ने कहा, ‘मैं उनके 2001 बैच में था। उस समय लातूर में लगभग 40 छात्र थे। अब अकेले लातूर में 15,000 से अधिक छात्र हैं। वे प्रतिभाशाली हैं और उन्होंने कई छात्रों का करियर बनाया है।’

दो दशकों से अधिक समय में RCC जिसका पूरा नाम रेणुकाई करियर सेंटर है, वह NEET, JEE और CET की तैयारी के लिए महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग ब्रांडों में से एक बन गया है। अब इसके केंद्र लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला में स्थित हैं। इन केंद्रों पर हर साल लगभग 40,000 छात्र दाखिला लेते हैं। फीस लगभग 50,000 रुपये से 65,000 रुपये के बीच है।

बताया जाता है कि महाराष्ट्र में कोचिंग जगत में मोटेगांवकर को ‘एम सर’ के नाम से जाना जाता है। बहरहाल, उनकी गिरफ्तारी के बाद मोटेगांवकर के केमिस्ट्री के ही गिरफ्तार प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी से संबंधों पर भी बात हो रही हैं। प्रोफेसर कुलकर्णी को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है केमिस्ट्री के प्रश्न पत्रों के कथित लीक मामले में मुख्य आरोपी बताया है।

यह भी बात सामने आई है कि प्रोफेसर कुलकर्णी ने पूर्व में कुछ समय के लिए आरसीसी क्लासेस में पढ़ाया था। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या दोनों के बीच कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध इस मामले से संबंधित हैं।

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...

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