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भारत बंद: 30 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने का दावा, बैंकिंग और ऊर्जा समेत ये सेवाएं हो सकती हैं बाधित

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है जिसमें 30 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।

nationwide strike of workers on 12 feb 30 crore likely to join banking and other sectors may hit, भारत बंद
फोटोः आईएएनएस

नई दिल्लीः केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच ने केंद्र की “मजदूर विरोधी” नीतियों के विरोध में गुरुवार (11 फरवरी) को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस कदम से बैंकिंग, बीमा, बिजली, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, गैस और जल आपूर्ति सहित कई सेवाएं आंशिक रूप से बाधित होने की संभावना है।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड यूनियनों का दावा है कि विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 करोड़ मजदूर इस आंदोलन में शामिल होंगे।

बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य समेत कई सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की मजदूर-किसान विरोधी और राष्ट्रविरोधी कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में ट्रेड यूनियनों के एक समूह ने 9 जनवरी को हड़ताल का आह्वान किया था। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) की महासचिव अमरजीत कौर ने पीटीआई को बताया, “12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बिजली, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, गैस और जल आपूर्ति सहित सभी सेवाएं प्रभावित होंगी।”

कौर ने कहा कि हालांकि सभी बैंक यूनियनें इसमें भाग नहीं लेंगी, क्योंकि उनके संयुक्त मंच ने पहले ही 27 जनवरी को हड़ताल का आयोजन किया था, लेकिन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉइज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) जैसी बैंक यूनियनें विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी।

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उन्होंने आगे कहा कि खनन और गैस पाइपलाइन क्षेत्रों में भी व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है। बीमा कर्मचारी सरकार के इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के निर्णय और नए श्रम कानूनों के कार्यान्वयन के विरोध में प्रदर्शन करने वाले हैं। उनके मुताबिक निजी और सरकारी परिवहन कंपनियों के भी बड़ी संख्या में कर्मचारी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

हड़ताल में 30 करोड़ श्रमिक हो सकते हैं शामिल

जनसमूह की व्यापक भागीदारी पर भरोसा जताते हुए कौर ने कहा कि “कम से कम 30 करोड़ श्रमिक” हड़ताल में शामिल हो सकते हैं और लगभग 600 जिलों पर इसका असर पड़ सकता है। पिछले साल 9 जुलाई को हुई इसी तरह की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में लगभग 25 करोड़ श्रमिकों ने भाग लिया था जिससे 550 से अधिक जिले प्रभावित हुए थे।

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कौर ने यह भी कहा कि विभिन्न जिलों के श्रम आयुक्तों ने श्रमिक संघ के नेताओं के साथ बैठकें करके उनकी मांगों पर चर्चा की है, लेकिन 12 फरवरी का आंदोलन योजना के अनुसार ही होगा। इसी तरह अन्य संगठनों के नेताओं ने भी इस बंद को समर्थन देने और शामिल होने की बात कही है जिससे बड़े पैमाने पर कई क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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