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महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढही, 8 की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

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Rescue workers in orange overalls and hard hats search through rubble at a collapsed building site with heavy machinery nearby.
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मुंबई: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक चार मंजिला रिहायशी इमारत गिरने से कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (टीडीआरएफ), दमकल विभाग और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिनमें प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे। नगर निगम ने पहले ही इस इमारत को खतरनाक घोषित कर दिया था और उस समय इसमें मरम्मत का काम चल रहा था।

शाम से आने लगी थीं दरारों की आवाजें

स्थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे इमारत से तेज दरारें पड़ने जैसी आवाजें आने लगी थीं। इसके बाद लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने एहतियातन कई परिवारों को इमारत से बाहर निकालना शुरू कर दिया। हालांकि, कुछ लोग अभी बाहर निकल ही रहे थे कि इमारत का बी विंग अचानक भरभराकर गिर गया।

हादसे में बचे दीपक कुमार यादव समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “पास की इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। हम रात का खाना खाकर सो चुके थे, तभी जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकले तो चारों तरफ अफरातफरी थी। जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से नीचे कूद गया।”

घायल अभय कुमार यादव ने कहा, “खाना खाने के बाद कमरे में थे कि तेज आवाज सुनाई दी। बाहर निकलने का रास्ता नहीं था, इसलिए पहली मंजिल से कूद गया। मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में एक स्थानीय युवक सीढ़ी लेकर आया, जिसकी मदद से कई लोगों को नीचे उतारा गया। उस समय इमारत में करीब 25 से 30 लोग मौजूद थे।”

घटना में घायल संगीता प्रजापति ने बताया, “मैं पार्किंग में खड़ी थी, तभी इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी। भागने की कोशिश की, लेकिन उसी दौरान इमारत गिर गई और मुझे चोटें आईं।

स्थानीय निवासी नेहा सिंह हादसे के बाद से अपने पति रंजीत सिंह की तलाश कर रही हैं। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “वह यह कहकर नीचे गए थे कि बस कुछ जांच करनी है। उनके नीचे जाने के करीब 10 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं नीचे नहीं गई थी। हादसे के बाद से उनके फोन की घंटी तो बज रही है, लेकिन वे फोन नहीं उठा रहे हैं।”

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक मलबे से छह शव निकाले जा चुके हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में अधिकांश वे मजदूर हैं जो इमारत में मरम्मत कार्य कर रहे थे।

इसके अलावा छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि एक घायल बच्चे को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।

हादसे के बाद मौके पर बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, स्थानीय दमकल विभाग और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। इसके अलावा डॉग स्क्वॉड, चार फायर टेंडर, दो एंबुलेंस और भारी मशीनरी को भी मलबा हटाने के लिए लगाया गया है।

अधिकारियों ने क्या कहा?

भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि इमारत में दरार पड़ने की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “जब हम पहुंचे तो देखा कि इमारत में तेजी से दरारें बढ़ रही थीं। हमारी टीम अंदर गई और लोगों को तुरंत बाहर निकालना शुरू किया। अधिकांश निवासी बाहर आ गए थे, हालांकि कुछ महिलाएं शुरुआत में खाना खाने के बाद निकलने की बात कह रही थीं।”

घोगरे ने बताया कि यह इमारत करीब 10-12 साल पुरानी थी और इसमें कथित तौर पर अवैध मरम्मत कार्य चल रहा था। उन्होंने कहा, “रहवासियों को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मरम्मत में लगे मजदूर बाहर नहीं आ सके। माना जा रहा है कि उनमें से करीब पांच लोग अंदर ही फंस गए थे। हमारी टीम के बाहर निकलने के कुछ ही मिनट बाद पूरी इमारत ढह गई।”

फिलहाल प्रशासन मलबे में फंसे लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहा है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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