पटना: चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (केजीएस) में हुई हिंसा और फायरिंग मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही उन्होंने अदालत से बंद पड़े अपने कोचिंग संस्थान को दोबारा खोलने की अनुमति देने की भी मांग की है।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। खान सर की याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथ्यों पर आधारित नहीं है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही कोचिंग संस्थान को फिर से संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 2 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हुई हिंसा से जुड़ा है। आरोप है कि 15 से 20 लोगों के एक समूह ने कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ की और परिसर पर पथराव किया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें संस्थान के सुरक्षा गार्डों को कथित तौर पर फायरिंग करते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस ने दो सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुरक्षा गार्डों ने दावा किया कि उन्हें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी आधार पर कदमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल दोनों सुरक्षा गार्ड न्यायिक हिरासत में हैं।
दूसरी ओर, खान सर की ओर से इस कार्रवाई को चुनौती दी गई है। उनके वकील का कहना है कि मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जबकि घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। बचाव पक्ष का दावा है कि सुरक्षा गार्ड ने लाइसेंसी हथियार से आत्मरक्षा के लिए हवा में फायरिंग की थी और खान सर को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
खान सर की गिरफ्तारी पर 29 जून तक रोक
इस बीच पटना की एक निचली अदालत ने खान सर को अंतरिम अग्रिम जमानत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून तक रोक लगा दी है। अदालत ने पुलिस से केस डायरी और खान सर के आपराधिक रिकॉर्ड का विवरण भी तलब किया है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
उधर, कोचिंग संस्थान पर हमले के मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उनकी जमानत याचिका मंगलवार को निचली अदालत ने खारिज कर दी थी। उनके वकील अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत के लिए नई याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
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