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जम्मू-कश्मीरः रियासी और रामबन में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, 11 की मौत

जम्मू-कश्मीर में बीते कई दिनों से लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। रियासी जिले में एक घर ढहने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई और रामबन में चार लोगों की मौत हो गई।

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से भीषण तबाही देखी जा रही है। 30 अगस्त (शनिवार) को भूस्खलन और बादल फटने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गायब हैं। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

रियासी जिले में एक घर गिरने से घर के सात सदस्यों की मौत हो गई, इसमें पांच बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 4,6,8,10,12 वर्ष थी। कच्चे घर से सभी शवों को मलबे से बाहर निकाला गया है।

रामबन में भी बादल फटने से राजगढ़ में अचानक बाढ़ आई जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और अन्य 4 लोग गायब हैं। इंडिया टुडे ने अधिकारियों के हवाले से लिखा कि अचानक आई बाढ़ ने कई घरों को बहा दिया जिससे कई ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पूरी तरह से बह गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रामबन जिले की घटना की पुष्टि की है और पीड़ितों को हर संभव मदद करने को कहा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट भी किया जिसमें लिखा कि रामबन के जिला कलेक्टर मोहम्मद अलियास खान से बात की। उन्होंने लिखा कि राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार लोगों की मौत हो गई। उन्होंने लिखा कि राहत और बचाव कार्य जारी है। हर संभव मदद मुहैया कराने कराई जा रही है। मैं लगातार संपर्क में हूं।

जम्मू-कश्मीर में लगातार एक हफ्ते से बारिश हो रही है। इससे घाटी की नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर रहा है। पानी का बहाव इतना तेज है कि ढलानों से पत्थर, पेड़ और चट्टानें गिर रही हैं। जम्मू-कश्मीर का रामबन जिला राजधानी श्रीनगर से करीब 135 किमी की दूरी पर स्थित है।

जम्मू-श्रीनगर हाइवे समेत कई सड़कें बंद

जम्मू घाटी को पूरे देश से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार 5 दिनों से बंद है। यह 270 किमी लंबा है और इकलौता बारहमासी राजमार्ग है। उधमपुर जिले के जाखेनी और चेनानी में भी भारी बारिश और तेज बाढ़ से भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन के कारण करीब 2000 वाहन फंस गए हैं।

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू क्षेत्र में नौ अंतर-जिला सड़कें भी पूरी तरह से बंद हैं। जम्मू, सांबा, उधमपुर, कठुआ बीते कई दिनों से लगातार बारिश के चलते संपर्क से कटे हुए हैं।

इससे पहले इसी हफ्ते वैष्णो देवी माता मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन से 31 लोग मारे गए और कई लोग गायब हैं। यहां पर पहाड़ी के कुछ हिस्से ढह गए जिससे तबाही का मंजर देखा गया। इसके बाद से यात्रा बंद है।

मौसम विभाग द्वारा जम्मू के कई जिलों में शु्क्रवार (29 अगस्त) को येलो अलर्ट जारी किया गया था। इसमें पुंछ, रियासी, राजौरी, किश्तवाड़ और उधमपुर शामिल हैं। इसके साथ ही तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। भारी बारिश को देखते हुए शनिवार और रविवार को यहां पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...

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