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युद्ध खत्म करने और होर्मुज को खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका को दिया नया प्रस्ताव, क्या है इसमें?

रविवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह ईरान के तेल एक्सपोर्ट को रोकने के लिए नेवल ब्लॉकेड जारी रखना चाहते हैं, जिसका मकसद आने वाले समय में तेहरान को हार मानने पर मजबूर करना है।

लड़ाई खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने को लेकर ईरान ने अमेरिका ने नया प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में होर्मुज को दोबारा खोलने, मौजूदा युद्ध समाप्त करने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत को बाद के चरण में टालने की बात कही गई है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने अमेरिकी अधिकारियों और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध को तोड़ने की कोशिश माना जा रहा है। साथ ही इसका उद्देश्य ईरानी नेतृत्व के भीतर परमाणु रियायतों को लेकर चल रहे मतभेदों को फिलहाल किनारे रखकर पहले तत्काल संकट का समाधान निकालना है।

पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए भेजे गए प्रस्ताव में क्या है?

ईरान का यह नया प्रस्ताव इस्लामाबाद में हुई दूसरे दौर की शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद आया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने पिछले सप्ताहांत पाकिस्तानी, मिस्र, तुर्की और कतरी मध्यस्थों को यह स्पष्ट कर दिया था कि परमाणु रियायतों के दायरे को लेकर ईरानी नेतृत्व के भीतर फिलहाल कोई आम सहमति नहीं है। यही कारण है कि ईरान अब इस गतिरोध को तोड़ने के लिए परमाणु मुद्दे को किनारे रखकर पहले नौसैनिक नाकाबंदी और युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है।

अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम एक दशक तक यूरेनियम संवर्धन रोक दे और देश में मौजूद संवर्धित यूरेनियम भंडार को बाहर भेजे। बताया जा रहा है कि नया प्रस्ताव पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया। इसमें पहले होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी नाकेबंदी से जुड़े संकट को सुलझाने पर जोर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव में कहा गया है कि पहले लंबी अवधि का युद्धविराम लागू किया जाए या स्थायी रूप से युद्ध समाप्त करने पर सहमति बनाई जाए। इसके बाद जलडमरूमध्य खोला जाए और नाकेबंदी हटाई जाए। ईरान का सुझाव है कि परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता इन कदमों के बाद अगले चरण में शुरू हो।

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व्हाइट हाउस ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस ने प्रस्ताव मिलने की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि ये बेहद संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं और अमेरिका मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अमेरिका के पास मजबूत स्थिति है और कोई भी समझौता अमेरिकी जनता के हित में होगा। अमेरिका कभी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।”

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल ईरान पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने रविवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में संकेत दिया कि वह नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखना चाहते हैं, ताकि ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बना रहे।

ट्रंप ने कहा कि जब किसी देश की अर्थव्यवस्था तेल पर टिकी हो और वह तेल जहाजों या कंटेनरों के जरिए बाहर न जा सके, तो अंदरूनी दबाव तेजी से बढ़ता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर इसका असर कुछ ही दिनों में दिख सकता है।

सोमवार को सिचुएशन रूम बैठक

तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप सोमवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति सलाहकारों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में वार्ता में आए गतिरोध और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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