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तेहरान में हवाई हमले के दौरान दिग्गज फिल्मकार अब्बास कियारोस्तामी का आवास क्षतिग्रस्त, ईरान सरकार और परिवार ने क्या कहा?

अब्बास कियारोस्तामी न केवल ईरान बल्कि विश्व सिनेमा के सबसे सम्मानित निर्देशकों में से एक थे। उन्होंने साल 1997 में अपनी उत्कृष्ट कृति ‘टेस्ट ऑफ चेरी’ (Taste of Cherry) के लिए कान फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित ‘पाम डी ओर’ पुरस्कार जीतकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।

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Iranian Filmmaker Abbas Kiarostami’
Iranian Filmmaker Abbas Kiarostami। Image: Instagram

तेहरान: ईरान के दिग्गज फिल्मकार और कान्स फिल्म फेस्टिवल में पाल्मे डी’ओर विजेता अब्बास कियारोस्तामी का घर अमेरिका-इजराइल की बमबारी में क्षतिग्रस्त हो गया है। राजधानी में मौजूद स्वतंत्र फिल्म पत्रकार मंसूर जहांनी के मुताबिक, यह हमला तेहरान के चिजार इलाके में हुआ।

अब्बास कियारोस्तामी के पुत्र अहमद कियारोस्तामी ने भी सोशल मीडिया पर इस हमले की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया, “बीती रात चिजार इलाके में बमबारी हुई, जहाँ मेरे माता-पिता दोनों के घर स्थित हैं। मेरी माँ ने कांपती और टूटी हुई आवाज में फोन कर अपनी कुशलता की सूचना दी, लेकिन सुबह मुझे पता चला कि मेरे पिता का घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि उन्होंने बाद में बताया कि घर सुरक्षित है और नुकसान सिर्फ कुछ कांच टूटने तक सीमित रहा, जो राहत की बात है।

अहमद ने उस घर से जुड़ी अपनी यादें साझा करते हुए कहा, “जब हम इस घर में रहने आए थे, तब मैं महज 6 या 7 साल का था। 1979 की क्रांति से कुछ महीने पहले हम यहाँ शिफ्ट हुए थे। मेरे पिता हमेशा कहते थे कि यह घर दुनिया की सबसे शांत और सुकून भरी जगह है।”

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अब्बास कियारोस्तामी के घर कोई मौजूद नहीं था

मंसूर जहानी के अनुसार, हमले के वक्त कियारोस्तामी के घर में कोई मौजूद नहीं था। साल 2016 में 76 वर्ष की आयु में कियारोस्तामी के निधन के बाद से यह घर परिवार के पास ही था। उनकी पूर्व पत्नी, परवीन अमीरघोली, जो पास ही में रहती हैं, उनके घर को भी इस हमले में नुकसान पहुँचा है, लेकिन सौभाग्य से उन्हें कोई चोट नहीं आई है।

इस हमले पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया पर लिखा, “क्या 1997 में ‘टेस्ट ऑफ चेरी’ के लिए पाल्मे डी’ओर जीतने वाले कियारोस्तामी का घर भी अमेरिका के कथित ‘आसन्न खतरे’ का हिस्सा था?” उन्होंने कहा कि यह अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई केवल एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी गहरी सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान पर भी हमला है।

कौन थे अब्बास कियारोस्तामी?

अब्बास कियारोस्तामी न केवल ईरान बल्कि विश्व सिनेमा के सबसे सम्मानित निर्देशकों में से एक थे। उन्होंने साल 1997 में अपनी उत्कृष्ट कृति ‘टेस्ट ऑफ चेरी’ (Taste of Cherry) के लिए कान फिल्म महोत्सव में प्रतिष्ठित ‘पाम डी ओर’ पुरस्कार जीतकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।

इसके अलावा, उन्होंने 1999 में अपने नाटक ‘द विंड विल कैरी अस’ (The Wind Will Carry Us) के लिए वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ‘सिल्वर लायन’ हासिल किया था। उनके करियर की अन्य महत्वपूर्ण फिल्मों में ‘थ्रू द ऑलिव ट्रीज़’ (1994), ‘सर्टिफाइड कॉपी’ (2010) और ‘लाइक समवन इन लव’ (2012) शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में ईरानी सिनेमा के गौरव को बढ़ाया।

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गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के कई सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाया गया है। पीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कई प्राचीन मस्जिदों, महलों और स्मारकों को नुकसान पहुँचा है, जिससे ईरानी पहचान और विश्व इतिहास से जुड़े स्थलों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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