Home विश्व ईरान ने इजराइल पर दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें, ट्रंप ने बातचीत की...

ईरान ने इजराइल पर दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें, ट्रंप ने बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान एक संभावित समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके थे और अगले कुछ दिनों में उस पर हस्ताक्षर भी हो सकते थे।

0
iran attack israel
ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमेल किए। IANS

तेहरान/यरुशलम: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा इजराइल पर लगातार बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका गहरा गई है। इजराइली सेना के अनुसार, रविवार रात तक ईरान चार बार मिसाइलों की बौछार कर चुका है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।

इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बताया कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। हालांकि तत्काल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली। आईडीएफ का दावा है कि अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया।

आईडीएफ के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने मिसाइलें दागकर बहुत बड़ी गलती की है और इजराइली सेना किसी भी संभावित अगले हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सेना प्रमुख एयाल जमीर लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं और आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

नागरिकों को बंकरों के पास रहने की सलाह

ईरानी हमलों के बाद इजराइल की होम फ्रंट कमांड ने देशभर में सुरक्षा प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं। खुले स्थानों पर 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है, जबकि बंद स्थानों में अधिकतम 500 लोगों को ही अनुमति होगी और वहां सुरक्षित शरण स्थल होना अनिवार्य होगा। स्कूलों और समुद्र तटों को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। सेना ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बंकरों और सुरक्षित कमरों के निकट रहें क्योंकि आगे भी मिसाइल हमलों की आशंका बनी हुई है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में बैलिस्टिक मिसाइलों से इजराइल के रामात डेविड एयरबेस को निशाना बनाया।

ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के वरिष्ठ कमांडर अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहियेह में अपने हमले बढ़ाता है या ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करता है, तो उसे ऐसे प्रहार झेलने पड़ेंगे जिनका उसे गहरा पछतावा होगा।

रविवार को ही इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले किए थे। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और 20 अन्य घायल हुए हैं।

ट्रंप बोले- मिसाइलें चला दीं, अब बातचीत कीजिए

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मिसाइल हमले रोकने और वार्ता बहाल करने की अपील की। मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से रविवार को फोन पर बात की और शांति बनाए रखने की अपील की। फोन कॉल से पहले ट्रंप ने इजराइल के चैनल 12 न्यूज से कहा था कि वह नेतन्याहू को जवाबी हमला न करने की सलाह देंगे, क्योंकि वह नहीं चाहते कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्धविराम वार्ताएं टूट जाएं।

वहीं, फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “आपने अपनी मिसाइलें चला दीं, अब बस कीजिए। बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान एक संभावित समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके थे और अगले कुछ दिनों में उस पर हस्ताक्षर भी हो सकते थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सैन्य टकराव ने शांति प्रयासों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संपर्क कर उन्हें जवाबी हमला न करने की सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अपनी कार्रवाई कर चुके हैं। अब और टकराव की जरूरत नहीं है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर भी जताई उम्मीद

एनबीसी को दिए एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने बताया कि ईरान पहले ही परमाणु हथियार नहीं बनाने की शर्त स्वीकार कर चुका है, हालांकि वाशिंगटन चाहता है कि तेहरान भविष्य में किसी भी माध्यम से ऐसे हथियार हासिल करने की संभावना भी पूरी तरह छोड़ दे।

ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता हो जाता है तो अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने में सहयोग करेगा। लेकिन समझौता विफल होने की स्थिति में अमेरिका सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

तनाव के बढ़ते माहौल में जॉर्डन ने बताया कि कई मिसाइलें उसके हवाई क्षेत्र से होकर गुजरीं। वहीं ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया कताइब हिज्बुल्लाह ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका सीधे ईरान पर हमला करता है तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगी। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी ईरान के हमलों का समर्थन किया है।

सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इराक ने अपना हवाई क्षेत्र 72 घंटे के लिए बंद कर दिया है। सीरिया ने भी दक्षिणी हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद करते हुए दमिश्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन रोक दिया है। वहीं ईरान ने अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को अगली सूचना तक बंद रखने का निर्णय लिया है

UN में पाकिस्तान-चीन को झटका, अमेरिका ने BLA को आतंकी सूची में डालने का प्रस्ताव रोका

समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

author avatar
अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version