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अमेरिका में हुंडई के बैटरी प्लांट पर बड़ा छापा, 475 विदेशी मजदूर हिरासत में

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आव्रजन पर सख्त कार्रवाई कर रही है।

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IANS

वाशिंगटन: अमेरिकी अधिकारियों ने जॉर्जिया राज्य में हुंडई मोटर के एक निर्माणाधीन कार बैटरी प्लांट पर गुरुवार बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 475 मजदूरों को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार मजदूरों में से ज्यादातर दक्षिण कोरियाई नागरिक हैं।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा छापा है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आव्रजन पर सख्त कार्रवाई कर रही है। इस छापे से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संबंधों में तनाव बढ़ सकता है जो अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी और निवेशक है।

पिछले महीने एक शिखर सम्मेलन में, दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में 150 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया था, जिसमें से 26 अरब डॉलर हुंडई मोटर द्वारा किया जाना है। इस प्लांट में हुंडई और एलजी एनर्जी सॉल्यूशंस ने मिलकर 4.3 अरब डॉलर का निवेश किया है।

क्यों हुई कार्रवाई?

होमलैंड सिक्योरिटी के अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए वर्कर्स को अमेरिका में काम करने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि उन्होंने अवैध रूप से सीमा पार की थी या उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक जॉर्जिया में जांच के विशेष प्रभारी एजेंट, स्टीवन श्रैंक ने कहा कि यह कोई सामान्य आव्रजन कार्रवाई नहीं थी, बल्कि महीनों की जाँच के बाद ‘ऑपरेशन लो वोल्टेज’ के तहत की गई थी।

श्रैंक ने बताया कि प्लांट में कई उप-ठेकेदार काम कर रहे थे। एक हुंडई प्रवक्ता ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में से कोई भी सीधे तौर पर हुंडई का कर्मचारी नहीं था। कंपनी ने कहा कि वह एक जांच करेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी ठेकेदार कानूनों का पालन करें।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक अधिकारी वर्कर्स को काम रोकने का निर्देश देते हुए दिख रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि छापे के दौरान कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, जिन्हें बाद में सीवेज तालाब से बाहर निकाला गया।

जॉर्जिया के डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस छापे की निंदा करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया, जबकि जॉर्जिया के गवर्नर ब्रायन केंप ने कहा कि जॉर्जिया में, हम हमेशा सभी राज्य और संघीय आव्रजन कानूनों को लागू करेंगे।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस छापे पर चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन के दौरान उनकी कंपनियों और नागरिकों के हितों का अनुचित रूप से उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब इस छापेमारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं कहूँगा कि वे अवैध विदेशी थे और आईसीई बस अपना काम कर रहा था। लेकिन मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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