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AC क्यों ब्लास्ट होते हैं? इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

जब रेफ्रिजरेंट गैस खराब वायरिंग या खराब कैपेसिटर से निकलने वाली चिंगारी के संपर्क में आती है तो यह अचानक प्रज्वलित हो सकती है। इससे एक जोरदार विस्फोट और आग लग सकती है।

नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत पूरे भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी और लू (हीटवेव) से राहत के लिए लोग एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि गर्मियों के मौसम में एसी फटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बीते 29 जून को नोएडा सेक्टर – 119 में एक रिहायशी इमारत की 21वीं मंजिल पर भीषण आग लग गई। खबरों के मुताबिक इसकी वजह एसी में हुआ धमाका था। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में एसी फटने की कई घटनाएं इस साल अप्रैल से जून तक दर्ज की गई हैं।

नोएडा सेक्टर – 119 में इस धमाके से आग लगने के बाद जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन कूलिंग उपकरणों खासकर एसी में छिपे खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी के कारण इन उपकरणों पर भारी दबाव पड़ता है। तापमान बढ़ने के साथ ही AC में धमाके और उनसे लगने वाली आग गर्मियों में एक गंभीर खतरा बनती जा रही है।

अब कई घरों में एयर कंडीशनर को लग्जरी चीज के बजाय जरूरी चीज माना जाता है और उन्हें लंबे समय तक चलाया जाता है। लगातार इस्तेमाल के दबाव से AC यूनिट्स की कमियां सामने आ रही हैं खासकर पुरानी या ठीक से मेंटेन न की गई यूनिट्स में।

एसी क्यों फटते हैं?

जब एयर कंडीशनर के अंदर का प्रेशर और गर्मी सुरक्षित सीमा से ज्यादा बढ़ जाती है तो उनमें धमाका हो सकता है। आउटडोर यूनिट में लगा कंप्रेसर ही इसकी मुख्य वजह होता है। तेज गर्मी में, यह रेफ्रिजरेंट को पंप करने और घर के अंदर की गर्मी को बाहर निकालने के लिए जरूरत से ज्यादा काम करता है।

अत्यधिक गर्म होने से कंप्रेसर पर दबाव पड़ता है जिससे आंतरिक दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा यदि कंडेंसर कॉइल धूल और गंदगी से भरी हों जो कि लंबे समय तक उपयोग किए जाने पर होने की संभावना है तो ऊष्मा ठीक से बाहर नहीं निकल पाती। इससे दबाव और बढ़ जाता है जिसके कारण रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव होता है। यह अक्सर घिसे हुए पाइपों या जोड़ों से होता है और समस्या को और बढ़ा देता है।

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जब यह गैस खराब वायरिंग या खराब कैपेसिटर से निकलने वाली चिंगारी के संपर्क में आती है तो यह अचानक प्रज्वलित हो सकती है। इससे एक जोरदार विस्फोट और आग लग सकती है।

इलेक्ट्रिकल फॉल्ट्स भी स्थिति को और बिगाड़ देते हैं। लंबे समय तक चलने से तारों पर लगी इंसुलेशन पिघल जाती है जबकि गर्मियों में वोल्टेज में होने वाले उतार-चढ़ाव से शॉर्ट सर्किट हो जाता है। कुल मिलाकर यांत्रिक तनाव, गैस रिसाव और विद्युत चिंगारियों का संयोजन से एसी एक संभावित बम में परिवर्तित हो सकता है।

AC को फटने से कैसे बचाएं?

AC को फटने और हादसे से बचाव के लिए कुछ उपाय करने चाहिए जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और गंभीर नुकसान से बचा जा सके। एसी को फटने से बचाने के लिए नियमित तौर पर इसकी सर्विसिंग कराते रहें। यह सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है।

एसी के एयर फिल्टर्स की कुछ हफ्तों के बाद सफाई करते रहें या बदल दें। साल में कम से कम एक बार कंपनी की तरफ से प्रोफेशनल सर्विसिंग कराएं। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि कॉइल्स और वेंट्स धूल और कचरे से मुक्त हों।

प्रेशर की समस्याओं से बचने के लिए रेफ्रिजरेंट के स्तर की जांच करें। एसी के लिए एक अलग पावर सॉकेट का इस्तेमाल करें। ढीली वायरिंग या ओवरलोडेड सर्किट से बचें। शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए सही अर्थिंग लगवाएं। अगर वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आम है तो वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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