फीफा विश्व कप 2026 में तीसरे स्थान के लिए खेले गए रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। गोलों से भरपूर इस मैच में जहां इंग्लैंड ने शानदार जीत दर्ज की, वहीं फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने व्यक्तिगत उपलब्धियों के मामले में इतिहास रच दिया।
फ्रांस को हार जरूर मिली, लेकिन एम्बाप्पे ने दो गोल दागकर फीफा विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम विश्व कप में कुल 22 गोल हो गए हैं। उन्होंने इस मामले में लियोनेल मेसी (21 गोल) को पीछे छोड़ दिया है।
इतना ही नहीं, एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे पहुंच गए हैं। उन्होंने इस विश्व कप में अब तक 10 गोल किए हैं, जबकि मेसी 8 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि, मेसी के पास स्पेन के खिलाफ फाइनल में खेलते हुए इस रिकॉर्ड को चुनौती देने का मौका रहेगा।
दूसरी ओर, इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम ने भी नया इतिहास रचा। इंजरी टाइम में गोल करते हुए उन्होंने इस विश्व कप में अपना सातवां गोल पूरा किया और एक ही विश्व कप संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने क्रमशः 2018, 2026 और 1986 विश्व कप में छह-छह गोल किए थे।

पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद बुकायो साका ने 37वें और 43वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर पहले हाफ के अंत तक इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। 48वें मिनट में एम्बाप्पे ने पहला गोल किया, जबकि 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद 68वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल कर फ्रांस को मुकाबले में वापस ला दिया और स्कोर 4-3 हो गया।
हालांकि, 87वें मिनट में मिले पेनल्टी पर बुकायो साका ने अपना हैट्रिक गोल करते हुए इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल कर अंतर कम किया, लेकिन इसके तुरंत बाद जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की जीत पर मुहर लगा दी।
1966 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह फीफा विश्व कप में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं, हार के बावजूद एम्बाप्पे का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और बेलिंगहम की नई उपलब्धि इस मुकाबले की सबसे बड़ी सुर्खियां बन गईं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट

