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राजस्थानः एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे किसानों ने हनुमानगढ़ में गाड़ियों समेत फूंका ऑफिस, इंटरनेट बंद

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी शामिल हैं। उनके सिर पर तीन टांके लगे हैं।

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों का विरोध बुधवार को उग्र हो गया। महापंचायत के बाद सैकड़ों किसानों ने फैक्ट्री परिसर की ओर मार्च किया, दीवार तोड़ी और परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया भी शामिल हैं। उनके सिर पर तीन टांके लगे हैं।

घटना के बाद टिब्बी और आसपास के इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया है। गुरुवार को कांग्रेस नेताओं और किसान संगठनों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। टिब्बी क्षेत्र में आज भी तनाव की आशंका है।

कैसे भड़का हिंसक विवाद

एसपी हरि शंकर ने कहा, “एथेनॉल प्लांट के खिलाफ टिब्बी एसडीएम कार्यालय के पास बुधवार दोपहर एक महापंचायत हुई थी।”

महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ फैक्ट्री की ओर बढ़े। शाम करीब 4 बजे प्रदर्शनकारियों ने बाउंड्री वॉल तोड़ी और परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद पथराव शुरू हुआ। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया।

टिब्बी एसडीएम कार्यालय के पास बुधवार दोपहर महापंचायत हुई। किसान लंबे समय से ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के 450 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्लांट से भूजल दूषित होगा, प्रदूषण बढ़ेगा और फसलें प्रभावित होंगी।

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री परिसर में खड़ी 14 से 16 गाड़ियों को आग लगा दी। इनमें कारें, बाइकें, पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन शामिल हैं।

एसपी हरि शंकर ने कहा कि झड़प में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस कार्रवाई कर रही है। सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।”

कई घायल, किसानों का क्या आरोप है?

झड़प में 70 से ज्यादा लोग घायल हुए। कुछ घायल किसान रातभर टिब्बी के गुरुद्वारे में रुके रहे। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें लिखित में निर्माण कार्य रोकने का भरोसा नहीं दिया, जिससे विरोध तेज हुआ।

वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि महापंचायत की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी ‘परमिटेड एरिया’ छोड़कर फैक्ट्री साइट पर पहुंच गए और हिंसा की। कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून हाथ में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस आगजनी करने वालों की पहचान कर रही है। आज किसान टिब्बी के गुरुद्वारे में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। एसपी हरीशंकर ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इधर, फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लगभग 30 परिवार एहतियात के तौर पर अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले गए हैं।

क्या है पूरा मामला

राठीखेड़ा में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड का एथेनॉल प्लांट बन रहा है, जिसे 2022 में मंजूरी मिली थी। 2023 में सीएलयू और अगस्त 2025 में स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की अनुमति भी जारी हुई। प्लांट का विरोध सितंबर 2024 से जून 2025 तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जुलाई से आंदोलन तेज हो गया। 19 नवंबर को पुलिस सुरक्षा में दोबारा निर्माण शुरू हुआ तो किसानों में नाराजगी बढ़ी और कई किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया। आखिरकार 10 दिसंबर को विरोध भड़क गया और हालात हिंसक हो गए।

किसानों का कहना है कि प्लांट से पर्यावरण और खेती पर असर पड़ेगा। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री सभी अनुमतियों और मानकों का पालन कर रही है। कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीणों को पंजाब की एक एथेनॉल फैक्ट्री का दौरा करने का न्योता दिया गया था और 3 दिसंबर को विस्तृत कार्यशाला कर समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की गई थी।

कंपनी ने बताया कि प्लांट प्रतिमाह करीब 15 करोड़ रुपये की पराली, मक्का और चावल खरीदेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का लाभ होगा।

अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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