नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में अगले चरण की समझौता बातचीत चल रही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियां बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं। ट्रंप ने ईरान को हमले की चेतावनी दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (21 जून) को एक बार फिर ईरान के खिलाफ हमले की चेतावनी जारी की। ट्रंप ने ईरान पर लेबनान के हमलावर समूहों को फंडिंग करने का आरोप लगाते हुए उन पर रोक लगाने को कहा और धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका हमला करेगा।
ईरान को डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि ” ईरान को तुरंत लेबनान में अपने उन समूहों को रोकना चाहिए जिन्हें वह पैसे देकर समर्थन देता है। वे परेशानी पैदा कर रहे हैं। अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो हम ईरान पर फिर से बहुत कड़ा हमला करेंगे जैसा हमने पिछले हफ्ते किया था लेकिन इस बार उससे भी ज्यादा जोरदार तरीके से। “
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले चरण की बातचीत रविवार शाम को होनी है। अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंचा है। इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी बातचीत के लिए रविवार को स्विट्जरलैंड पहुंचे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भी इस वार्ता में मध्यस्थ के तौर पर शामिल होने स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में पीएम शहबाज शरीफ के साथ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी मौजूद रहे।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने कहा कि ” इस समय मैं पूरी ईमानदारी के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके दूरदर्शी और प्रभावशाली नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं जिसकी वजह से आज यह बैठक संभव हो पाई है। “
शरीफ ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि यहां होने वाली बातचीत बहुत अच्छी होगी। उम्मीद है कि आने वाले समय में बेहद सकारात्मक और उपयोगी नतीजे लेकर आएगी। मैं अमेरिकी टीम का नेतृत्व करने के लिए उपराष्ट्रपति को भी उनके बेहतरीन नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।
इस बीच जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता को “ऐतिहासिक” करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरे पश्चिम एशिया के संघर्ष को खत्म करने में मदद के लिए ईरान के साथ राजनयिक संबंधों को नए सिरे से शुरू करने और व्यापक क्षेत्रीय युद्धविराम हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि लेक ल्यूसर्न के नजारे वाले शानदार बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हो रही ये बातचीत दोनों पक्षों के बीच 17 जून को तय हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत तकनीकी स्तर पर पहली सीधी बातचीत है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)



