नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप के इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन कॉल के दौरान कथित मतभेद और तीखी बहस की खबरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि उनकी इजराइल में काफी लोकप्रियता है और वे वहां से प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव भी लड़ सकते हैं।
द मिरर की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘इजराइल में मेरी लोकप्रियता इस समय 99 प्रतिशत है। मैं प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ सकता हूं, इसलिए शायद इस चुनाव के बाद मैं इजराइल जाकर चुनाव लड़ूं।ट
ट्रंप की ये टिप्पणी बुधवार को ही नेतन्याहू के साथ हुई उनकी लंबी और ‘कठिन’ बातचीत के बाद आई है। सामने आई खबरों के अनुसार इस बातचीत में दोनों नेताओं के बीच ईरान के खिलाफ युद्ध के मामले पर मतभेद भी हुए।
नेतन्याहू की प्रशंसा
इजराइली प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘मैं उनसे जो भी करने को कहूंगा, वो करेंगे। मेरी नजर में वो एक महान व्यक्ति हैं। वो युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री हैं, और मेरे विचार में इजराइल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है।’
हालांकि ट्रंप ने जिस कथित सर्वे का इशारा किया है, वह बहुत स्पष्ट नहीं है। दरअसल, जिविश पीपुल्स पॉलिसी इंस्टीट्यूट (जेपीपी) इजराइली इंडेक्स के अनुसार लगभग 49 प्रतिशत इजराइली अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को इजराइल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपतियों में से एक मानते हैं।
फरवरी में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार 73 प्रतिशत इजराइली मानते हैं कि इजराइल के संबंध में ट्रंप की विदेश नीति ‘औसत से बेहतर’ है।
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद से ईरान ने भी पश्चिम एशिया में कई ठिकानों को निशाना बनाया। इस संघर्ष का सबसे बुरा असर दुनिया भर में ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है। महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को भी बंद कर दिया गया।
बहरहाल, इजराइल में अपनी लोकप्रियता की कहानी सुना रहे ट्रंप के लिए खुद अमेरिका से अच्छी खबर नहीं है। एक नए सर्वे के अनुसार ईरान के खिलाफ उनके प्रशासन के युद्ध के चलते उनकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है और कई रिपब्लिकन उनकी आर्थिक नीतियों से असंतुष्ट हैं। हाल ही में जारी रॉयटर्स/इप्सोस के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया कि केवल 35 प्रतिशत अमेरिकी ही राष्ट्रपति के कामकाज से संतुष्ट हैं।
शांति समझौते पर ‘सही जवाब’ मिलने तक इंतजार के मूड में ट्रंप
इस बीच ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर ईरान शांति समझौते पर सहमत नहीं होता है तो अमेरिका तेहरान पर और हमले करने के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने साथ ही संकेत दिया कि वाशिंगटन ‘सही जवाब’ मिलने तक कुछ दिनों का इंतजार कर सकता है।
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि स्थिति बिल्कुल नाजुक है और तेजी से बिगड़ सकती है। युद्धविराम के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को रोकने के छह सप्ताह बाद भी युद्ध समाप्त करने की बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है, जबकि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति की लोकप्रियता रेटिंग पर असर डाला है।
ट्रंप ने कहा, ‘मेरा विश्वास कीजिए, अगर हमें सही जवाब नहीं मिलते हैं, तो स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ सकती है। हम सब तैयार हैं।’ यह पूछे जाने पर कि वह कितने समय तक इंतजार करेंगे, ट्रंप ने कहा, ‘यह कुछ दिन हो सकते हैं, लेकिन स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ सकती है।’
दूसरी ओर ईरान ने भी नए हमलों के खिलाफ चेतावनी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बयान में कहा, ‘अगर ईरान के खिलाफ आक्रामकता दोहराई जाती है, तो इस बार युद्ध इस क्षेत्र से आगे तक फैल जाएगा।’



