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डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जी. परमेश्वर बने उपमुख्यमंत्री

समर्थकों के जोरदार नारों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच डीके शिवकुमार मंच पर पहुंचे। शपथ लेने से पहले उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु माने जाने वाले श्री वीर गंगाधर स्वामीजी (अज्जैया) के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। IANS

बेंगलुरुः कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सत्ता की कमान संभाल ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान शिवकुमार हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लिए हुए थे। कांग्रेस विधायक दल द्वारा उन्हें 30 मई को नेता चुना गया था।

गौरतलब है कि शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का स्थान लिया है। सिद्धारमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। वह 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। शपथ ग्रहण समारोह से पहले शिवकुमार ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

समर्थकों के उत्साहपूर्ण नारों के बीच मंच पर पहुंचे शिवकुमार ने सबसे पहले अपने आध्यात्मिक गुरु श्री वीर गंगाधर स्वामीजी (अज्जैया) के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली और अपने गुरु का स्मरण किया। समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई, जबकि कर्नाटक राज्य पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान और राज्य गीत प्रस्तुत किया।

समारोह में कई प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेता मौजूद रहे। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।

Two men in white shirts seated at an event, with a blue backdrop resembling arches behind them.
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी IANS

जी. परमेश्वर बने उपमुख्यमंत्री, 12 अन्य मंत्रियों ने भी ली शपथ

नए मंत्रिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया भी शामिल हैं।

मंत्रिमंडल गठन में कांग्रेस ने जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सहित वोक्कालिगा समुदाय को तीन प्रमुख प्रतिनिधित्व मिले हैं। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और मंत्री प्रियांक खड़गे को अनुसूचित जाति वर्ग से शामिल किया गया है। इसके अलावा लिंगायत, कुरुबा, मुस्लिम, ईसाई, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

मंत्रिमंडल में शामिल प्रमुख नामों में केएच मुनियप्पा, बायराठी सुरेश, कृष्णा बायरे गौड़ा, एमबी पाटिल, शरण प्रकाश पाटिल, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, यूटी खादर और केजे जॉर्ज शामिल हैं।

A line of dignitaries stands on a stage under a white tent, facing the audience with microphones and floral arrangements in front.
IANS

प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक के लोगों के कल्याण के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई सरकार राज्य के लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल होगी।

शपथ ग्रहण से पहले डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर भगवद्गीता का एक प्रसिद्ध श्लोक साझा किया। उन्होंने लिखा, “तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फलों में कभी नहीं। कर्मफल को अपनी प्रेरणा मत बनाओ और न ही अकर्मण्यता में आसक्त हो।” राजनीतिक जानकार इसे उनके नए कार्यकाल के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

डीके शिवकुमारः 27 साल की उम्र में पहली बार बने विधायक

DK Shivkumar
डीके शिवकुमार IANS

कनकपुरा से विधायक डी.के. शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 1962 में बेंगलुरु के निकट कनकपुरा में जन्मे शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कर्नाटक की कुल आबादी में इस समुदाय की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत बताई जाती है।

शिवकुमार पहली बार 27 वर्ष की उम्र में 1989 में विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने राज्य की विभिन्न कांग्रेस सरकारों में मंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2020 में उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया और 2023 में वे पहली बार राज्य के उपमुख्यमंत्री बने।

कांग्रेस में उनकी पहचान एक ऐसे रणनीतिक नेता की रही है, जो संकट के समय पार्टी विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें संगठन, संसाधन प्रबंधन और चुनावी रणनीति के विशेषज्ञ नेताओं में गिना जाता है।

देश के सबसे अमीर नेताओं में शुमार

डीके शिवकुमार देश के सबसे धनी राजनेताओं में गिने जाते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास 1,413 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वे रियल एस्टेट, खनन और होटल व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। वहीं, उनके ऊपर 263 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां भी दर्ज हैं। दिलचस्प बात यह है कि अरबों रुपये की संपत्ति के बावजूद उनके हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार का उल्लेख दर्ज है।

विवादों से भी रहा है नाता

डीके शिवकुमार का राजनीतिक सफर विवादों से भी अछूता नहीं रहा है। उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में 19 से अधिक आपराधिक केस दर्ज होने की जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में उनसे संबंधित जांच कर रहा है।

वर्ष 2017 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान उनके ठिकानों से 8.5 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसी मामले में उन्हें 2019 में गिरफ्तार किया गया था और लगभग 50 दिन तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे। इसके अलावा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है।

नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां

मुख्यमंत्री पद संभालने के साथ ही डीके शिवकुमार के सामने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और कांग्रेस की गारंटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल न केवल कर्नाटक बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी कांग्रेस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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