नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने रविवार (19 जुलाई) को कहा कि संसद सत्र से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के सोमवार (20 जुलाई) को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस बीच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसे संसद तक प्रस्तावित मार्च के बारे में जानकारी मिली थी लेकिन उसने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस ने इस बाबत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान भी जारी किया है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। गौरतलब है कि BNSS ने CrPC की धारा 144 की जगह ली है।
इन आदेशों के तहत जंतर-मंतर पर तय विरोध-प्रदर्शन स्थल पर पहले से अनुमति लेकर किए जाने वाले प्रदर्शनों को छोड़कर, विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
दिल्ली पुलिस ने कहा ” इन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर BNS की धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। “
CJP के मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
बताते चलें कि सोमवार से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है और इसी के साथ ये पाबंदियां लागू की गई हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा, खास लोगों की सुरक्षा और सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
इसके मद्देनजर पूरी राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके तहत अहम जगहों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग, गाड़ियों की चेकिंग, पिकेट और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, शंकर चौक और कनॉट प्लेस जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त फोर्स को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि संसद सत्र और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा यह एहतियाती कदम सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट करने के एक दिन बाद आया है। इससे पहले रविवार को सोनम वांगचुक ने पहला संदेश जारी कर 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की थी। इसके अलावा उन्होंने अपने अस्पताल में भर्ती होने को “अवैध हिरासत” बताया।
वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बावजूद CJP नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा और उन्होंने घोषणा की कि वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
इस समूह का 20 जुलाई को होने वाला “चलो संसद” मार्च संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन ही हो रहा है। पार्टी ने बताया कि समर्थकों से एक मिस्ड-कॉल कैंपेन के जरिए मार्च के लिए रजिस्टर करने को कहा गया है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के मुताबिक, 1.3 लाख से ज्यादा लोग पहले ही इसके लिए रजिस्टर कर चुके हैं।

