नई दिल्ली: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक सोमवार, 20 जुलाई को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सकते हैं। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने इस बारे में कहा है कि अगर राजनीतिक नेता उनसे मिलें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे संसद के मॉनसून सत्र में जवाबदेही और शिक्षा का मुद्दा उठाएंगे। यह जानकारी उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने रविवार (19 जुलाई) शाम को दी।
गौरतलब है कि कई सांसद पहले ही विरोध स्थल पर जाकर वांगचुक से मिल चुके हैं और उन्होंने सत्र के दौरान NEET-UG पेपर लीक और अन्य मुद्दों को उठाने का वादा किया है। वांगचुक से जंतर-मंतर पर मिलने वाले सांसदों में कांग्रेस के शशि थरूर, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव और AAP के कई नेता शामिल हैं। इसके साथ ही आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद भी हैं।
जंतर-मंतर पर जमा हुई भारी भीड़
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को नियम 267 के तहत एक प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसमें उन्होंने कथित NEET पेपर लीक और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मांगों पर चर्चा करने के लिए उच्च सदन में दिन के तय कामकाज को रोकने की मांग की।
इस बीच, रविवार को जंतर-मंतर पर भारी संख्या में समर्थक जमा हो गए और यह जगह एक भरे-पूरे विरोध-प्रदर्शन कैंप में बदल गई। यह सब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के ‘चलो संसद’ मार्च से एक दिन पहले हुआ। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने रात भर पहरा देने का आह्वान किया था।
पुलिस ने कहा है कि नई दिल्ली जिले में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने वाले आदेश लागू कर दिए गए हैं, “सिवाय जंतर-मंतर रोड पर तय किए गए विरोध-प्रदर्शन स्थल के।”
सोनम वांगचुक खत्म करेंगे भूख हड़ताल!
बढ़ती भीड़ के बीच शिक्षाविद गीतांजलि जे. अंग्मो ने घोषणा की कि उनके पति सोनम वांगचुक सोमवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे, अगर राजनीतिक नेता सफदरजंग अस्पताल में उनसे मिलकर यह भरोसा दिलाएं कि संसद के मॉनसून सत्र में उनके मुद्दों को उठाया जाएगा।
सोमवार (20 जुलाई) को होने वाले मार्च की तैयारियों के बीच दिन भर जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर लोगों की भीड़ आती रही। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि तय कार्यक्रम के तहत लोगों के जुटने से पहले ही लगभग 20,000 लोग “जंतर-मंतर और उसके आस-पास” मौजूद थे।
गौरतलब है कि AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के महासचिव को भेजे अपने नोटिस में कहा कि ये मुद्दे राष्ट्रीय महत्व के हैं और इन पर तुरंत चर्चा की जरूरत है।
AAP नेता ने कहा कि NEET से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों ने देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर असर डाला है। सिंह ने इस मुद्दे पर वांगचुक की भूख हड़ताल और कार्यकर्ता की बिगड़ती सेहत का भी जिक्र किया।
बता दें कि बीते शनिवार (18 जुलाई) को सुबह करीब 7 बजे दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वह बीते 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे।
दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
इससे पहले रविवार शाम को दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को सीजेपी के ‘ चलो संसद’ के आह्वान को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। गौरतलब है कि BNSS ने CrPC की धारा 144 की जगह ली है।
इन आदेशों के तहत जंतर-मंतर पर तय विरोध-प्रदर्शन स्थल पर पहले से अनुमति लेकर किए जाने वाले प्रदर्शनों को छोड़कर, विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है।
दिल्ली पुलिस ने कहा ” इन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर BNS की धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। “
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