नई दिल्ली: कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने पाया कि उनके नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई थी। उन्होंने मध्य प्रदेश से नामांकन किया था।
इसी बीच भाजपा ने नटराजन के नामांकन पत्र पर गंभीर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तेलंगाना की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी छिपाई है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग करते हुए औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
BJP का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने अपने चुनावी हलफनामे में तेलंगाना में चल रहे एक अदालती मामले की जानकारी नहीं दी थी। यह एक जरूरी दस्तावेज है जिसे उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय जमा करना होता है।
पार्टी ने तर्क दिया कि इस जानकारी को न बताना जरूरी जानकारी छिपाने के बराबर है और इसके आधार पर उसका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए। दायर की गई आपत्ति के मुताबिक पूर्व कॉर्पोरेट अधिकारी ए. श्रीलता ने नटराजन के खिलाफ चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि नटराजन ने कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया था। श्रीलता ने रेड्डी पर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाजपा के प्रत्याशियों के अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव अधिकारियों को दिए गए एफिडेविट में अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले को छिपाया था।
कांग्रेस ने आरोपों का किया खंडन
कांग्रेस ने हालांकि इस आपत्ति का कड़ा विरोध किया और इसे बेबुनियाद बताया। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है इसलिए उन्हें बीजेपी द्वारा बताई गई बात का खुलासा करने की कोई जरूरत नहीं थी।
वहीं, पार्टी के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उनके (नटराजन) के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने लिखा कि उनके नॉमिनेशन के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है।
तन्खा ने इस मामले में एक वीडियो मैसेज भी पोस्ट किया और भाजपा पर ‘सीट चोरी’ का आरोप लगाया है। इस वीडियो संदेश में तन्खा ने कहा कि मीनाक्षी का नामांकन रद्द नहीं हुआ है। प्रजातंत्र की हत्या हुई है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को वोटिंग होनी है। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में BJP के पास 164 विधायक हैं, जो आसानी से दो सीटें जीतने के लिए काफी हैं और इसके बाद भी उनके पास 48 अतिरिक्त वोट बचेंगे। हालांकि, तीसरी सीट जीतने के लिए पार्टी को क्रॉस-वोटिंग या दूसरी पार्टियों के समर्थन की ज़रूरत पड़ती।
कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं, लेकिन दो विधायक – राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा - राज्यसभा चुनाव में वोट देने के योग्य नहीं हैं। इससे उनकी प्रभावी संख्या घटकर 61 रह गई है। नतीजतन, तीसरी सीट के लिए मुकाबला राजनीतिक रूप से एक अहम लड़ाई बन गया था।

