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कोचीन शिपयार्ड के दो कर्मचारी पाकिस्तानी हैंडलर को बेच रहे थे नौसेना की गोपनीय जानकारी, गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 साल के रोहित और 37 वर्षीय संत्री के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं।

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IANS

कर्नाटक पुलिस ने देश की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भारतीय नौसेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपी व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा कर रहे थे और इसके बदले में उन्हें रकम मिलती थी।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कोचीन शिपयार्ड में काम करते थे। शिकायत कोचीन शिपयार्ड के सीईओ ने मालपे थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 152 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (ओएसए) की धारा 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया है।

कौन हैं आरोपी और कैसे खुलासा हुआ?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 साल के रोहित और 37 वर्षीय संत्री के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं। इन्हें गुरुवार को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने 3 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस 22 नवंबर को दोनों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।

उडुपी एसपी हरिराम शंकर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम ने मालपे में एक कमरे में ठहरे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच कर रहे अधिकारियों में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर हर्षा प्रियंवदा और सब-इंस्पेक्टर डी. अनिल कुमार शामिल हैं।

रोहित था मुख्य आरोपी

प्रारंभिक जांच के अनुसार रोहित इस केस का मुख्य संदिग्ध है। वह पिछले छह महीनों से मालपे स्थित कोचीन शिपयार्ड यूनिट में इंसुलेटर के तौर पर काम कर रहा था। जानकारी मिली कि उसने भारतीय नौसेना के जहाजों की सूची, पहचान संख्या और अन्य गोपनीय जानकारियां संत्री से हासिल कीं, जो अभी भी कोचीन शिपयार्ड में कार्यरत है।

एसपी ने बताया कि यह जानकारी पाकिस्तान समेत अन्य देशों तक भेजी गई हो सकती है। इस एंगल पर जांच जारी है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी डेढ़ साल से ज्यादा समय से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले पोर्ट्स, जहाजों और शिपयार्ड से जुड़े संचालन संबंधी जानकारियां बेच रहे थे।

मोटी रकम भी हुई ट्रांसफर

जांच में सामने आया कि रोहित कोचीन शिपयार्ड में काम करते हुए जहाजों की सूची, पहचान संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी बेचकर काफी पैसा कमा रहा था। केरल स्थित शिपयार्ड में भारतीय नौसेना के लिए जहाज बनाए जाते हैं, जबकि कर्नाटक के मालपे यूनिट में निजी और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए जहाज तैयार किए जाते हैं।

रोहित के मालपे ट्रांसफर के बाद भी संत्री उससे जानकारी साझा करता रहा, जिसे रोहित सोशल मीडिया के जरिए बाहर भेजता रहा।

एसपी हरिराम शंकर के मुताबिक आरोपियों की हरकत ने देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डाला है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर मामला है। जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

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अनिल शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...

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