नई दिल्लीः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए अंकों के सत्यापन (Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आधिकारिक पोर्टल सक्रिय कर दिया है। बोर्ड परीक्षा के परिणाम से असंतुष्ट छात्र अब अपने अंकों की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
सीबीएसई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। बोर्ड ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों की सुविधा के लिए आवेदन से संबंधित चरणबद्ध जानकारी वाला एक वीडियो भी जारी किया गया है। बोर्ड ने विद्यार्थियों से वीडियो को ध्यानपूर्वक देखने और उसी के अनुसार आवेदन करने की अपील की है।
सीबीएसई द्वारा जारी 2 जून 2026 के आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से इस प्रक्रिया में आधार सत्यापन को भी शामिल किया है। जिन छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, रिश्तेदार या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि ऐसे मामलों में उसी व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि और लिंग संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी, जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।
गौरतलब है कि सीबीएसई ने यह पोर्टल पहले 29 मई को शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख बढ़ाकर 1 जून कर दी गई थी। बोर्ड के अनुसार, छात्रों को अधिक पारदर्शी और तकनीकी खामियों से मुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी।
हालांकि 1 जून को पोर्टल पूरी तरह सुचारु नहीं हो सका और कई छात्रों को लॉगिन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब 2 जून से पोर्टल को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
CBSE ने क्या कहा?
सीबीएसई ने रविवार को जारी एक बयान में कहा था कि परीक्षा सेवाओं के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई तकनीकी कमियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें दूर करने के प्रयास जारी हैं। बोर्ड के अनुसार, सरकारी एजेंसियां और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ भी सिस्टम को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए हाल ही में लागू की गई ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच सामने आया है। तकनीकी समस्याओं और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं की खबरों के बाद इस प्रणाली की आलोचना भी हुई थी।
सीबीएसई ने कहा था कि वह अपने सेवा प्रदाता के ऑनमार्क पोर्टल में सार्वजनिक रूप से चिन्हित की जा रही कमजोरियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने तथा मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही परीक्षा सेवाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट



